लैक्मे फैशन वीक में शिल्पा शिरोडकर का जलवा, फैशन डिजाइनर संजुक्ता दत्ता के लिए बनीं शो स्टॉपर
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिंदी फिल्मों की 90 के दशक की अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर ने नई दिल्ली के ताज पैलेस में आयोजित लैक्मे फैशन वीक में प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर संजुक्ता दत्ता के लिए शोस्टॉपर के रूप में रैंप वॉक किया।
शिल्पा शिरोडकर ने इस शो में संजुक्ता दत्ता द्वारा डिजाइन की गई बेहद खूबसूरत साड़ी पहनी, जो भारतीय परंपरा और आधुनिक सुंदरता का एक बेहतरीन मिश्रण थी। इस दौरान उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह संजुक्ता दत्ता का काम है और मैं उनके इस कलेक्शन का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं।
उन्होंने कहा कि संजुक्ता दत्ता के सभी कपड़े हाथ से बने हैं। इनमें से कुछ भी मशीन से नहीं बना है। इस तरह की कलाकारी को पेश करना मेरे लिए सम्मान की बात है। इसे पहनकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। इतने सालों में यह पहली बार है, जब मैंने रैंप पर वॉक किया है, लेकिन मैं बहुत उत्साहित हूं कि सब कुछ पूरा हो गया और सच में बहुत अच्छा लग रहा है।
अभिनेत्री ने कहा कि इतने वर्षों बाद मुझे तालियों की आवाज सुनाई दी। रैंप वॉक के दौरान मैं तो एकदम ब्लैंक हो गई थी। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। हालांकि मैं बस निर्देशों का पालन कर रही थी। मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था कि मुझे सिर्फ निर्देशों का पालन करना है।
मुझे उम्मीद है कि मैंने कुछ गलत नहीं किया होगा, लेकिन हां, मुझे तालियों की आवाज सुनाई दी। यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि स्टेज पर मुझे सराहा गया और सच कहूं तो मैंने इसका पूरा आनंद लिया। उन्होंने कहा कि मेरा आउटफिट बहुत सुंदर था। यह पूरी तरह से पारंपरिक और बिल्कुल मेरे स्टाइल का है। मुझे यह पूरा लुक बहुत पसंद आया।
यहां तक कि साड़ी का ड्रेप भी सिला हुआ नहीं है। इसे असल में सेफ्टी पिन्स से सेट किया गया है। आप समझ सकते हैं कि यह कितना अलग है। काफी अनोखा भी है। यह एक टू-पीस साड़ी की तरह है। यह आम साड़ियों की तरह एक ही तरह की प्लेट्स वाली साड़ी नहीं है।
अन्य डिजाइनरों के इतने सारे आउटफिट्स हैं। क्या इसका आपके पर्सनल स्टाइल पर कोई असर पड़ता है? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि नहीं, ऐसा नहीं है। इसका मेरे पर्सनल स्टाइल पर कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि मुझे लगता है कि जिन डिजाइनरों के साथ मैंने काम किया है, वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।
आज उन सभी का अपना एक स्टाइल स्टेटमेंट है और यह देखकर बहुत अच्छा लगता है। सच कहूं तो, हर किसी ने अपने काम में काफी तरक्की की है। जहां तक मेरी बात है, तो मैं जींस और टी-शर्ट में बहुत सहज महसूस करती हूं, लेकिन साड़ी या पारंपरिक पोशाक भी एक ऐसी चीज है जिसकी तारीफ होनी चाहिए। अगर हमें दूसरे टैलेंट की तारीफ करने या उन्हें सराहने का मौका मिलता है, तो मुझे लगता है कि यह सम्मान की बात है।
--आईएएनएस
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