Lakhimpur Kheri School Holiday: आज लखीमपुर खीरी में बंद हैं सभी स्कूल, नर्सरी से 12वीं तक छुट्टी
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में आज यानी 28 सितंबर 2026 को सभी स्कूल बंद हैं। लगातार बारिश, जलभराव और अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक दिन के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। यह फैसला जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी आदेश के बाद लिया गया है।
किन कक्षाओं के स्कूल आज बंद हैं?
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यालयों में आज अवकाश रहेगा। आदेश का दायरा सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है।
इसमें ये स्कूल शामिल हैं:
• परिषदीय विद्यालय
• मान्यता प्राप्त स्कूल
• सहायता प्राप्त विद्यालय
• CBSE स्कूल
• ICSE स्कूल
• अन्य बोर्ड से संचालित विद्यालय
• हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूल
इस तरह जिले में पढ़ने वाले नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों को आज स्कूल नहीं जाना है।
भारी बारिश और जलभराव के कारण लिया गया फैसला
जिला प्रशासन ने यह निर्णय अत्यधिक वर्षा, जलभराव और अतिवृष्टि की स्थिति या संभावना को देखते हुए लिया है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क और आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बनी है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है।
लखीमपुर खीरी में 26 सितंबर को 24 घंटे के दौरान 135 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। मौसम रिकॉर्ड में 26 और 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी भी दर्ज थी।
स्कूलों को आदेश का पालन करना होगा
27 सितंबर को जारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश में संबंधित स्कूलों को अवकाश के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। यानी 28 सितंबर को निर्धारित श्रेणी के विद्यालयों में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी।
क्या पूरे उत्तर प्रदेश में आज छुट्टी है?
नहीं। 28 सितंबर की छुट्टी पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के लिए एक समान नहीं है। अलग-अलग जिलों में स्थानीय मौसम और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अपने स्तर पर स्कूल बंद करने का निर्णय ले रहा है। लखीमपुर खीरी के अलावा कुछ अन्य जिलों में भी मौसम को देखते हुए स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसलिए दूसरे जिलों के विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपने जिला प्रशासन या संबंधित स्कूल की ओर से जारी ताजा सूचना को ही अंतिम मानना चाहिए।

