नेस्ले के बेबी फूड का लैब टेस्ट फेल! विटामिन की मात्रा मिली कम, भ्रामक विज्ञापन पर FSSAI ने थमाया नोटिस
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने Nestlé India के शिशु आहार उत्पादों को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। नियामक ने कंपनी के तीन infant nutrition products से जुड़े मामलों में अलग-अलग adjudication cases दर्ज किए हैं। इनमें दो मामलों में उत्पादों के प्रचार और विज्ञापन में किए गए दावों पर सवाल उठाए गए हैं, जबकि तीसरे मामले में एक follow-up formula के सैंपल में तय मानक से कम बायोटिन पाए जाने की बात सामने आई है।
किन उत्पादों को लेकर कार्रवाई हुई?
FSSAI की जांच के दायरे में Nestlé India के तीन उत्पाद आए हैं—
- NAN Excella Pro Stage 1
- Lactogen Pro 1
- Follow-up Formula
FSSAI ने इन उत्पादों के साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध इनके प्रचार और प्रमोशनल मटेरियल की भी जांच की।
NAN Excella Pro Stage 1 पर क्या सवाल उठा?
FSSAI के मुताबिक NAN Excella Pro Stage 1 से जुड़े प्रमोशनल दावों में “5 HMOs” और “Whey Protein” जैसे दावों को लेकर आपत्ति जताई गई। नियामक ने इन दावों को लेकर कंपनी से स्पष्टीकरण भी मांगा था।
Lactogen Pro 1 को लेकर क्या आपत्ति है?
दूसरे मामले में Lactogen Pro 1 के प्रमोशनल कंटेंट की जांच की गई। FSSAI ने इसमें whey protein को आसानी से पचने योग्य बताए जाने वाले दावे पर सवाल उठाया।
नियामक के अनुसार, शिशु आहार उत्पादों के प्रचार और बिक्री बढ़ाने वाले दावों को लेकर भारत में विशेष नियम लागू हैं। FSSAI ने कहा कि इन मामलों में संबंधित नियमों का पालन नहीं हुआ।
तीसरे मामले में क्या मिला?
तीसरा मामला किसी विज्ञापन दावे के बजाय उत्पाद की पोषण संबंधी गुणवत्ता से जुड़ा है।
FSSAI के मुताबिक, Nestlé India के एक follow-up formula के सैंपल की लैब जांच में बायोटिन यानी Vitamin B7 की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई।
मामले की दोबारा पुष्टि के लिए सैंपल को referral laboratory भेजा गया। वहां की जांच में भी सैंपल तय बायोटिन आवश्यकता के अनुरूप नहीं पाया गया।
FSSAI ने कौन से नियम बताए?
FSSAI की कार्रवाई में Food Safety and Standards (Foods for Infant Nutrition) Regulations, 2020 के प्रावधानों और IMS Act, 1992 से जुड़े नियमों का उल्लेख किया गया है।
नियामक का कहना है कि शिशु आहार के ऐसे प्रचार और प्रमोशनल दावों पर नियमों के तहत प्रतिबंध हैं, जिनका उद्देश्य उत्पाद की बिक्री बढ़ाना हो। इसी आधार पर NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1 से जुड़े मामलों में कार्रवाई शुरू की गई है।
क्या Nestlé पर जुर्माना लग चुका है?
अभी नहीं।
FSSAI ने तीन अलग-अलग adjudication cases शुरू किए हैं। इसका मतलब है कि मामले अभी कानूनी प्रक्रिया में हैं और अंतिम निर्णय आना बाकी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कंपनी पर कोई अंतिम जुर्माना तय नहीं किया गया है।
क्या इन प्रोडक्ट्स पर बैन लगा है?
नहीं। FSSAI की कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि इन उत्पादों को तुरंत प्रतिबंधित कर दिया गया है या इनके हर बैच को असुरक्षित घोषित किया गया है। अंतिम कार्रवाई संबंधित adjudication प्रक्रिया के नतीजे पर निर्भर करेगी।
Nestlé India ने क्या कहा?
18 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, Nestlé India की ओर से इन मामलों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
माता-पिता के लिए इसका क्या मतलब है?
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शिशु आहार उत्पादों के लिए पोषण संरचना, लेबलिंग और प्रचार से जुड़े नियम बेहद सख्त होते हैं।
FSSAI की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे उत्पादों की निगरानी करना है ताकि शिशु आहार में निर्धारित पोषक तत्वों के मानकों का पालन हो और माता-पिता तक पहुंचने वाली जानकारी नियमों के अनुरूप रहे।
हालांकि, मौजूदा कार्रवाई को अंतिम दोष सिद्ध होना या उत्पादों के असुरक्षित होने की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए। मामले की अंतिम स्थिति adjudication प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

