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केवाईसी अपडेट के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी, दिल्ली साइबर पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा

नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के साउथ-वेस्ट जिले की साइबर पुलिस ने एक बड़ी और संगठित मल्टी-स्टेट साइबर ठगी गैंग का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह झारखंड के जामताड़ा-धनबाद इलाके और पश्चिम बंगाल से ऑपरेट कर रहा था और खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को केवाईसी अपडेट के नाम पर ठग रहा था।
केवाईसी अपडेट के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी, दिल्ली साइबर पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा

नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के साउथ-वेस्ट जिले की साइबर पुलिस ने एक बड़ी और संगठित मल्टी-स्टेट साइबर ठगी गैंग का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह झारखंड के जामताड़ा-धनबाद इलाके और पश्चिम बंगाल से ऑपरेट कर रहा था और खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को केवाईसी अपडेट के नाम पर ठग रहा था।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम शिव कुमार रविदास (22), संजय रविदास (33), दिनेश रविदास (29) और शुभम कुमार बरनवाल (25) हैं। जांच में सामने आया है कि ये चारों मिलकर एक सुनियोजित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। ये आरोपी खुद को बैंक, खासतौर पर एक्सिस बैंक का अधिकारी बताकर फोन कॉल और व्हाट्सएप मैसेज करते थे और केवाईसी अपडेट नहीं होने पर अकाउंट बंद होने या कार्ड ब्लॉक होने का डर दिखाते थे।

सागरपुर की रहने वाली ए. अहमद ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर 2025 को उन्हें कुछ अनजान नंबरों से कॉल और व्हाट्सएप मैसेज आए, जिनमें खुद को बैंक अधिकारी बताया गया। आरोपियों ने जल्द केवाईसी अपडेट करने का दबाव बनाया और एक लिंक भेजा। जैसे ही पीड़िता ने उस लिंक पर क्लिक किया और एपीके फाइल इंस्टॉल की, उनका मोबाइल पूरी तरह से हैक हो गया।

इसके बाद 15 दिसंबर 2025 को पीड़िता को एसएमएस अलर्ट मिले कि उनके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड पर 8.33 लाख का लोन पास कर दिया गया है और फिर 5 लाख और 3.30 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। पीड़िता ने साफ किया कि उन्होंने न तो कोई लोन लिया और न ही किसी तरह की ट्रांजैक्शन की अनुमति दी थी। इसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें एसआई अरविंद, हेड कॉन्स्टेबल संजय, हेड कॉन्स्टेबल मनोज, हेड कॉन्स्टेबल विनोद और हेड कॉन्स्टेबल सुरेश शामिल थे। यह टीम एसएचओ इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक और एसीपी विजय पाल तोमर की निगरानी में काम कर रही थी। तकनीकी जांच से पता चला कि आरोपी झारखंड के धनबाद इलाके में सक्रिय थे और बार-बार जगह बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे।

तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने धनबाद के निरसा थाना क्षेत्र में छापेमारी की, जहां तीन आरोपी खुले मैदान में बैठकर लोगों को कॉल कर ठगी करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। पूछताछ के बाद चौथे आरोपी शुभम को पश्चिम बंगाल के हुगली से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ और जब्त मोबाइल फोन की जांच में सामने आया कि शिव कुमार एपीके फाइलें और म्यूल बैंक अकाउंट की व्यवस्था करता था, जबकि संजय और दिनेश लोगों को कॉल कर उन्हें झांसे में लेते थे। शिव कुमार और शुभम एटीएम से ठगी की रकम निकालने का काम करते थे। पुलिस ने इनके पास से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, एटीएम से पैसे निकालते वक्त पहने गए कपड़े, फर्जी एपीके फाइलें, व्हाट्सएप चैट, एक्सेल शीट और बैंक डिटेल्स बरामद की हैं।

इस मामले में ई-एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी

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