क्या आपका बच्चा भी है 'पिकी ईटर'? फॉलो करें ये 7 प्रभावी टिप्स, झट से बनेगी बात
नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। खाने के समय नखरे करना बच्चों की आम समस्या है। कई माता-पिता इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि उनका बच्चा ठीक से नहीं खाता तो उसे जरूरी पोषक तत्व कैसे मिलेंगे। भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चे का खान-पान सही रखना चुनौती भरा काम है लेकिन चिंता करने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार सही तरीके और धैर्य से इस समस्या को आसानी से सुलझाया जा सकता है।
यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस इमरजेंसी फंड (यूनिसेफ) बताता है कि छोटे बच्चों का स्वाद और पसंद हर दिन बदलती रहती है। दुनियाभर के माता-पिता इस समस्या से जूझ रहे हैं। अगर आपका बच्चा भी खाने में नखरे करता है तो सात आसान और प्रभावी टिप्स को अपनाकर आप उसे स्वस्थ और पौष्टिक भोजन की ओर प्रेरित कर सकते हैं। ये टिप्स अपनाकर माता-पिता अपने बच्चे को स्वस्थ खान-पान की आदत डाल सकते हैं। धैर्य और सकारात्मक रवैया सबसे जरूरी है।
बार-बार कोशिश करें : नया खाना बच्चे को तुरंत पसंद नहीं आता। किसी नए खाद्य पदार्थ को पसंद करने में उसे 10 बार से ज्यादा चखना पड़ सकता है। हार न मानें, थोड़ी मात्रा में नए खाने को बार-बार दें। जिस चीज को बच्चा नहीं खाता, उसे पसंद की चीज के साथ मिलाकर दें।
अलग-अलग तरह का पौष्टिक खाना दें : बच्चे को रोजाना फल, सब्जियां, अनाज, दालें, डेयरी उत्पाद, मेवे और बीज खिलाएं। अलग-अलग रंग, स्वाद और बनावट वाले खाने दें। एक ही सब्जी को कच्चा और पका दोनों रूप में ट्राई करें। विविधता बच्चे को आकर्षित करती है।
बच्चे को टीम का हिस्सा बनाएं : बच्चे को बाजार ले जाएं और उन्हें फल-सब्जी चुनने दें। घर पर उनकी उम्र के अनुसार छोटा काम सौंपें जैसे सामग्री मिलाना या प्लेट सजाना। जब बच्चा खुद खाना बनाने में शामिल होता है तो उसे खाने का ज्यादा उत्साह होता है।
उनकी भूख पर भरोसा करें : बच्चे को खाने के लिए मजबूर न करें। अगर वह कम खा रहा है तो दबाव न डालें। जब तक बच्चा स्वस्थ है, फुर्तीला है और वजन ठीक बढ़ रहा है, तो चिंता न करें। बच्चे को अपनी भूख-तृप्ति के संकेत समझने दें।
कम मात्रा में खाना दें : छोटे बच्चों का पेट बहुत छोटा होता है। उन्हें बड़ी मात्रा में खाना न दें। उनकी उम्र के हिसाब से छोटी-छोटी सर्विंग दें और थोड़ा खाने पर भी तारीफ करें।
खाने को इनाम या सजा न बनाएं : अच्छे व्यवहार के लिए मिठाई या जंक फूड का लालच न दें। इससे बच्चे अच्छे-बुरे खाने की गलत सोच विकसित करते हैं। इसके बजाय खेलने या घुमने का वादा करें।
खुद रोल मॉडल बनें : बच्चे अपने माता-पिता की नकल करते हैं। परिवार के साथ बैठकर पौष्टिक भोजन करें और उसे स्वादिष्ट बताएं। जब बच्चा देखेगा कि आप भी वही खा रहे हैं तो वह खुद इसे ट्राई करना चाहेगा।
--आईएएनएस
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