तंदूरी रोटी के लिए कुरुक्षेत्र बना शादी समारोह, जमकर चले लाठी डंडे; 2 की मौत
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक हैरान कर देने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जिले के गौरीगंज थाना क्षेत्र के सहाय हृदय शाह गांव में एक शादी के दौरान तंदूरी रोटी को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते-देखते कहासुनी और मारपीट में तब्दील हो गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
बारात में हुआ विवाद
मामला 3 मई की रात का है जब जामों थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव से एक बारात सहाय हृदय शाह गांव में आई थी। इस बारात का दूल्हा गांव के प्रधान राम जियावन वर्मा का बेटा था। वहीं दुल्हन पक्ष के ओर से गौरीगंज के राजगढ़ वोधघन का पुरवा निवासी रवि (18) और आशीष (17) मेहमान के तौर पर शामिल हुए थे।
शादी की महफिल में खाने के दौरान तंदूरी रोटी को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। तंदूरी रोटी के विषय पर शुरू हुई यह बातचीत जल्दी ही बढ़ती गई और विवाद ने उग्र रूप धारण कर लिया। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई।
मारपीट में दो लोगों की मौत
पुलिस अधीक्षक अमेठी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि विवाद के दौरान हुई मारपीट में दोनों पक्षों के दो युवकों को गंभीर चोटें आईं, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मृतकों के परिजनों की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गौरीगंज थाने में गैर इरादतन हत्या, हमला, आपराधिक बल प्रयोग और सामूहिक हिंसा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है और आगामी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। घटना स्थल से संबंधित साक्ष्य जुटाए गए और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने बताया कि मामले में सभी आरोपी फरार नहीं थे, बल्कि कुछ को तुरंत ही पकड़ लिया गया और शेष की खोज जारी है।
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने कहा कि मामले में कोई भी संदेह बरतने की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी और दोषियों को कानूनी दायरे में लाकर सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने साथ ही कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं, जिसमें छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता अपनाना लोगों की समझदारी पर सवाल खड़ा करता है।
सामाजिक संदर्भ
यह घटना अमेठी जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक चेतावनी के रूप में भी देखी जा रही है। शादी जैसे शुभ अवसर पर भी छोटे विवाद हिंसा का रूप ले लेते हैं, जो न केवल परिवारों को बल्कि पूरे समाज को झकझोर देता है। सामाजिक स्तर पर बेहतर संवाद और विवाद सुलझाने के तरीकों को अपनाने की जरूरत पर बल दिया जा रहा है।
निष्कर्ष:
अमेठी की यह दुखद घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आपसी समझ और संवाद की कमी से छोटी-छोटी बातों पर भी बड़े विवाद और हिंसा तक पहुंचा जा सकता है। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर ऐसे विवादों को बढ़ने से रोकने और लोगों में आपसी सद्भाव कायम करने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

