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मणिपुर में कुकी-नगा तनाव से पहाड़ी इलाकों में संकट, वीडियो में देंखे 7 दिन से स्कूल-बाजार बंद; जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित

मणिपुर में कुकी-नगा तनाव से पहाड़ी इलाकों में संकट, वीडियो में देंखे 7 दिन से स्कूल-बाजार बंद; जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित

मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में कुकी और नगा समुदायों के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम जनजीवन पर दिखाई देने लगा है। कई पहाड़ी जिलों में पिछले 7 दिनों से स्कूल और बाजार बंद हैं। सड़कों और हाईवे पर नाकेबंदी के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे जरूरी सेवाओं तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, तनावपूर्ण हालात के कारण कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। इसका असर खेती-किसानी, व्यापार और रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ा है। कई ग्रामीणों के लिए खेतों तक पहुंचना और जरूरी कामों के लिए बाहर जाना चुनौती बन गया है।

सात पहाड़ी जिलों से संपर्क प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, मणिपुर के सात पहाड़ी जिलों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर सड़कों पर नाकेबंदी के कारण वाहनों की आवाजाही सीमित हो गई है। इसका सीधा असर बाजारों में सामान की उपलब्धता पर पड़ा है।कांगपोकपी जिले के कुछ गांवों में जरूरी खाद्य सामग्री की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की खबर सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां चीनी की कीमत 400 से 450 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। लोगों का कहना है कि सप्लाई बाधित होने के कारण रोजमर्रा की चीजों की कमी महसूस हो रही है।

हिंसा में छह कुकी लोगों की मौत का आरोप

इधर, पिछले चार दिनों में चार महिलाओं समेत छह कुकी समुदाय के लोगों की हत्या का आरोप लगाया गया है। कुकी संगठनों ने इन घटनाओं के लिए नगा समुदाय को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, इन आरोपों पर आधिकारिक जांच और पुष्टि का इंतजार है।स्थानीय संगठनों के अनुसार, फरवरी में शुरू हुई हिंसा के बाद इस साल अब तक करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार तनाव के चलते कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।

लोगों में डर का माहौल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि हिंसा और तनाव के कारण लोगों में डर का माहौल है। कई परिवार घरों से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में मरीजों को अस्पताल या एयरपोर्ट तक पहुंचाना भी कठिन हो रहा है।प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और जरूरी सेवाओं की बहाली के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, समुदायों के बीच जारी तनाव के कारण सामान्य स्थिति लौटने में चुनौती बनी हुई है।मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय तनाव के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती हिंसा पर नियंत्रण और प्रभावित इलाकों में आवश्यक सेवाओं को दोबारा सुचारू करना है।

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