केटीआर ने राहुल गांधी को लिखा पत्र, छात्रों पर टिप्पणी के लिए सीएम रेड्डी से सार्वजनिक माफी की मांग
हैदराबाद, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने रविवार को लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा इंजीनियरिंग छात्रों और शिक्षकों पर की गई टिप्पणी को लेकर माफी की मांग की है। केटीआर ने पत्र में लिखा कि भारत के युवा सिर्फ देश का भविष्य नहीं बल्कि आज देश की सबसे बड़ी ताकत हैं।
केटीआर ने लिखा, "वे नए भारत के निर्माता हैं। वे ऐसे इंजीनियर हैं जो अत्याधुनिक तकनीकें बना रहे हैं, ऐसे इनोवेटर हैं जो ग्लोबल स्टार्टअप खड़े कर रहे हैं और ऐसे वैज्ञानिक हैं जो भारत को चांद से मंगल तक ले जा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर एयरोस्पेस तक, सेमीकंडक्टर से लेकर स्पेस टेक्नोलॉजी तक, भारत के युवा अपनी प्रतिभा से देश का अगला अध्याय लिख रहे हैं। वे तारीफ, हौसला-अफजाई और सम्मान के हकदार हैं न कि किसी अपमान के।"
उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की हालिया टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरा देश इंजीनियरों को देश निर्माता मानता है, तब तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने इंजीनियरिंग छात्रों को 'क्रिमिनल वेस्ट' कहा। उन्होंने इंजीनियरिंग शिक्षकों के खिलाफ भी बेहद अपमानजनक बातें कहीं। केटीआर ने इसे 'लाखों छात्रों, माता-पिता और शिक्षकों का सीधा अपमान' बताया।
केटीआर ने कहा, "जो मुख्यमंत्री इंजीनियरों को 'क्रिमिनल वेस्ट' कहता है, वह इंजीनियरों का नहीं बल्कि अपने संवैधानिक पद की गरिमा का अपमान करता है। बहुत पहले रेवंत रेड्डी ने यूनिवर्सिटी के छात्रों को 'बीयर और बिरयानी बैच' कहा था, छात्र आंदोलनों को 'गुंडों' का काम बताया था और जब भी युवाओं ने उनकी सरकार से सवाल पूछे, तो उनका मजाक उड़ाया था।"
पत्र में केटीआर ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रचारक और तेलंगाना में सीएम चुनने वाले व्यक्ति के तौर पर इस शर्मनाक अपमान की राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने दो मांगें रखी कि, "देश को लोकतंत्र और युवाओं की गरिमा पर भाषण देना बंद करें और अपनी पार्टी के भीतर ही उन मूल्यों को अपनाना शुरू करें। इस तरह के अपमान पर चुप रहना उसे सही ठहराने जैसा है।"
पहली, राहुल गांधी देश के हर छात्र, इंजीनियर, शिक्षक और युवा नागरिक से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की टिप्पणी के लिए बिना शर्त और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। तुरंत मुख्यमंत्री को निर्देश दें कि वे सभी इंजीनियरिंग छात्रों, शिक्षकों और युवाओं से सार्वजनिक माफी मांगें और अपनी अपमानजनक टिप्पणियों को वापस लें।
केटीआर ने अंत में कहा, "भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने वाले इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षक और छात्र 'बेकार की चीजें' नहीं हैं। ये भारत की सबसे बड़ी राष्ट्रीय संपत्तियां हैं। असली बर्बादी तो तेलंगाना के युवाओं की उस क्षमता की हो रही है, जो ऐसी सरकार के अधीन है जो उम्मीदों का जवाब अहंकार से देती है। तेलंगाना के युवा सब देख रहे हैं और जब लोकतंत्र बुलाएगा तो वोट की ताकत से अपना फैसला सुनाएंगे।"
--आईएएनएस
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