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कोलकाता में ईडी की बड़ी कार्रवाई, ज्वेलरी हाउस बैंक फ्रॉड मामले में प्रत्युष कुमार सुरेका गिरफ्तार

कोलकाता, 18 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रत्युष कुमार सुरेका (40) को गिरफ्तार किया है। उस पर 16 जनवरी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत कार्रवाई की गई। सुरेका कोलकाता निवासी है और यह मामला एम/एस श्री गणेश ज्वेलरी हाउस (इंडिया) लिमिटेड से जुड़ा है।
कोलकाता में ईडी की बड़ी कार्रवाई, ज्वेलरी हाउस बैंक फ्रॉड मामले में प्रत्युष कुमार सुरेका गिरफ्तार

कोलकाता, 18 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रत्युष कुमार सुरेका (40) को गिरफ्तार किया है। उस पर 16 जनवरी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत कार्रवाई की गई। सुरेका कोलकाता निवासी है और यह मामला एम/एस श्री गणेश ज्वेलरी हाउस (इंडिया) लिमिटेड से जुड़ा है।

ईडी ने यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि कंपनी और उसके प्रमोटरों ने 25 बैंकों के कंसोर्टियम से करीब 2,672 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की।

जांच में सामने आया कि वर्ष 2011-12 के दौरान कंपनी ने ज्वेलरी कारोबार के लिए मिले कर्ज को सोलर पावर परियोजनाओं में डायवर्ट किया। यह धन एम/एस एलेक्स एस्ट्रल पावर प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी इकाइयों के जरिए लगाया गया। प्रत्युष कुमार सुरेका को 24 अप्रैल 2012 को इस कंपनी का संयुक्त प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया था।

करीब 400 करोड़ रुपए की एक सोलर पावर परियोजना, जिसमें 120 करोड़ रुपए इक्विटी और 280 करोड़ रुपए बैंक फाइनेंस शामिल था, इसको धोखाधड़ी से केवल 20 करोड़ रुपए से भी कम में ट्रांसफर दिखाया गया। यह लेन-देन सुरेका से जुड़ी कंपनियों के जरिए किया गया, जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान हुआ।

ईडी का कहना है कि सुरेका ने फर्जी बोर्ड प्रस्ताव बनाए, समझौतों को पीछे की तारीख में दिखाया, डिजिटल हस्ताक्षरों का दुरुपयोग किया और डमी निदेशकों की नियुक्ति कर अपने नियंत्रण को छिपाया। इसके अलावा, कंपनी के धन को फर्जी लोन, झूठे खर्च और घुमावदार लेन-देन के जरिए अपने और अपने परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों में भेजा गया।

जांच में यह भी सामने आया कि कागजों पर बिक्री दिखाने के बाद भी श्री गणेश ज्वेलरी हाउस के प्रमोटर निलेश पारेख को उसी सोलर प्रोजेक्ट से उत्पन्न नकद राशि मिलती रही, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनता है।

ईडी के अनुसार, कई बार मौका देने के बावजूद सुरेका ने जांच में सहयोग नहीं किया और विदेश भागने की कोशिश की। 5 जनवरी को उसे कोलकाता एयरपोर्ट पर थाईलैंड जाने की कोशिश करते हुए लुकआउट सर्कुलर के आधार पर रोका गया था। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। अदालत ने सुरेका को चार दिन की रिमांड पर भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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