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कोलकाता में ईडी की बड़ी कार्रवाई, जमीन हड़पने और फर्जीवाड़े के मामले में 7 ठिकानों पर छापे

कोलकाता, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने 28 मार्च को जमीन हड़पने और फर्जीवाड़े से जुड़े एक मामले में शहर के 7 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई अमित गांगुली और उसके सहयोगियों के खिलाफ पीएमएलए 2002 के तहत की गई। छापेमारी के दौरान ईडी को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इसके अलावा पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत कई बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है।
कोलकाता में ईडी की बड़ी कार्रवाई, जमीन हड़पने और फर्जीवाड़े के मामले में 7 ठिकानों पर छापे

कोलकाता, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने 28 मार्च को जमीन हड़पने और फर्जीवाड़े से जुड़े एक मामले में शहर के 7 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई अमित गांगुली और उसके सहयोगियों के खिलाफ पीएमएलए 2002 के तहत की गई। छापेमारी के दौरान ईडी को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इसके अलावा पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत कई बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है।

ईडी ने यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इन मामलों में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल, साजिश और धमकी जैसे आरोप शामिल हैं।

जांच में सामने आया कि अमित गांगुली और उसके साथी लोगों को धोखा देकर कीमती जमीनों पर कब्जा कर रहे थे। ये लोग फर्जी एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी, सेल डीड और अन्य दस्तावेज बनाकर जमीन पर गलत तरीके से मालिकाना हक दिखाते थे।

इसके बाद ये फर्जी कागजात अदालत में पेश कर लोगों को गुमराह करते थे और सरकारी रिकॉर्ड में जमीन अपने नाम कराने की कोशिश करते थे।

इतना ही नहीं, आरोपियों ने इन फर्जी तरीके से हासिल की गई जमीनों पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बनाकर फ्लैट भी बेचे, जिससे उन्होंने अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) की।

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी एक तय तरीके से काम करते थे। पहले फर्जी दस्तावेज तैयार करते, फिर कोर्ट में केस डालकर आदेश लेते और बाद में सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव कराकर कब्जा वैध दिखाने की कोशिश करते थे।

पुलिस ने अमित गांगुली और उसके साथियों के खिलाफ 20 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें ज्यादातर मामले साउथ 24 परगना जिले से जुड़े हैं।

इन मामलों में कीमती जमीनों पर अवैध कब्जा, फर्जी डेवलपमेंट एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी का गलत इस्तेमाल और विवादित जमीनों पर तीसरे पक्ष को अधिकार देने जैसे आरोप शामिल हैं।

ईडी इस पूरे मामले में आगे भी जांच कर रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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