Samachar Nama
×

‘कोहरा 2’ में जयदीप अहलावत का कैमियो, बोले- सुदीप को मेरे बिना क्राइम ड्रामा बनाने की इजाजत नहीं

मुंबई, 20 फरवरी (आईएएनएस)। नेटफ्लिक्स के हालिया रिलीज वेब सीरीज ‘कोहरा सीजन 2’ में जयदीप अहलावत का छोटा, लेकिन यादगार कैमियो दर्शकों के बीच खूब चर्चा में है। सुदीप शर्मा के निर्देशन में बने इस सीरीज में जयदीप ने रेलवे लाइनमैन का प्रभावशाली किरदार निभाया है।
‘कोहरा 2’ में जयदीप अहलावत का कैमियो, बोले- सुदीप को मेरे बिना क्राइम ड्रामा बनाने की इजाजत नहीं

मुंबई, 20 फरवरी (आईएएनएस)। नेटफ्लिक्स के हालिया रिलीज वेब सीरीज ‘कोहरा सीजन 2’ में जयदीप अहलावत का छोटा, लेकिन यादगार कैमियो दर्शकों के बीच खूब चर्चा में है। सुदीप शर्मा के निर्देशन में बने इस सीरीज में जयदीप ने रेलवे लाइनमैन का प्रभावशाली किरदार निभाया है।

मेकर्स ने दर्शकों को सीरीज रिलीज होने से पहले यह भनक भी नहीं लगने दी कि जयदीप 'कोहरा 2' का हिस्सा बनेंगे। हालांकि, अभिनेता के कैमियो को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं। जयदीप अहलावत ने अपने इस कैमियो पर बात करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि अब सुदीप शर्मा को उनके बिना कोई क्राइम ड्रामा बनाने की इजाजत नहीं है।

उन्होंने आईएएनएस को बताया, “सुदीप भाई के साथ काम करना अब मेरे लिए काम जैसा नहीं लगता, बल्कि परिवार जैसा खास महसूस होता है। मुझे उन्होंने बताया और जब मौका मिला तो मैंने इस रोल के लिए तुरंत हामी भर दी। सुदीप भाई को पता भी नहीं था कि मैं रेलवे लाइनमैन का रोल करूंगा। मेरे शूट शेड्यूल क्रॉस हो गए थे, इसलिए मैंने गुंजीत और डिग्गी से बात की और यह इंटरेस्टिंग हिस्सा ले लिया।”

जयदीप ने मजाकिया अंदाज में आगे बताया, “मुझे नहीं लगता कि सुदीप भाई को अब मेरे बिना क्राइम प्रोसिजरल ड्रामा बनाने की इजाजत मिलेगी। ‘कोहरा’ कहानी कहने का एकदम अलग और नायाब तरीका है। मैं लकी हूं कि इसका हिस्सा बन सका, भले ही कैमियो छोटा था और पहली बार देखने पर समझना थोड़ा मुश्किल हो, लेकिन मेरे लिए खास रहा।”

‘महाराज’ फिल्म से चर्चा बटोर चुके जयदीप का यह कैमियो ‘कोहरा 2’ की कहानी में एक खास मोड़ लाता है। सीरीज में पंजाबी कल्चर का खूबसूरत मिश्रण देखने को मिलता है, जिसमें गंभीरता के साथ हल्का-फुल्का ह्यूमर भी शामिल है।

सुदीप शर्मा ने बताया कि पंजाबी गंभीर कम रहते हैं; पंजाब का अंदाज ही कॉमेडी है। उन्होंने कहा, “पंजाब में कॉमेडी न मिलना नामुमकिन है। यह यहां की कल्चर का हिस्सा है। आप जहां भी जाते हैं, कुछ न कुछ मजेदार जरूर होता है। पंजाबी भाषा और वहां के लोग बहुत मस्ती वाले हैं। भले ही बात सीरियस हो, लेकिन उसे मजेदार तरीके से कहा जाता है। हमने अपनी रिसर्च में यही सब देखा और कहानी में शामिल किया।”

--आईएएनएस

एमटी/डीएससी

Share this story

Tags