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विश्व आवास दिवस: अपना घर हर इंसान का सपना, लेकिन करोड़ों लोगों के पास अब भी नहीं है सुरक्षित आशियाना

विश्व आवास दिवस: अपना घर हर इंसान का सपना, लेकिन करोड़ों लोगों के पास अब भी नहीं है सुरक्षित आशियाना
विश्व आवास दिवस: अपना घर हर इंसान का सपना, लेकिन करोड़ों लोगों के पास अब भी नहीं है सुरक्षित आशियाना

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। हर इंसान का सपना होता है कि उसका अपना एक घर हो, जहां वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुकून भरी जिंदगी बिता सके। किसी के लिए घर सिर्फ दीवारें और छत है, तो किसी के लिए यह जीवनभर की कमाई और सबसे बड़ा सपना होता है। लेकिन दुनिया में आज भी करोड़ों लोग ऐसे हैं, जिनके पास रहने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित जगह तक नहीं है। इसी समस्या की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए हर साल विश्व आवास दिवस मनाया जाता है।

यह दिन इस बात पर जोर देता है कि अपना घर होना केवल सुविधा नहीं, बल्कि हर इंसान की गरिमा, सुरक्षा और बेहतर जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।

विश्व आवास दिवस हर साल अक्टूबर महीने के पहले सोमवार को मनाया जाता है। साल 2026 में यह दिवस 5 अक्टूबर, सोमवार को मनाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र ने साल 1985 में इस दिन को मनाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य दुनिया के शहरों और बस्तियों की स्थिति पर विचार करना और हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त आवास के अधिकार को बढ़ावा देना है। यह दिन लोगों को यह समझाने का भी अवसर देता है कि अपने शहरों और समुदायों को बेहतर बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में 3 अरब से ज्यादा लोगों के पास आवास की सुविधा नहीं है। वहीं, 110 करोड़ से अधिक लोग अनौपचारिक बस्तियों में रहने को मजबूर हैं और करोड़ों लोग बेघर होने की समस्या का सामना कर रहे हैं। संघर्ष, प्राकृतिक आपदाएं और जलवायु परिवर्तन इस संकट को और गंभीर बना रहे हैं। खासतौर पर गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए सुरक्षित घर हासिल करना बड़ी चुनौती बन गया है।

विश्व आवास दिवस 2026 की थीम 'सभी के लिए पर्याप्त आवास' रखी गई है। इस थीम का मकसद यह संदेश देना है कि हर व्यक्ति को ऐसा घर मिलना चाहिए, जहां वह सुरक्षित रह सके और सम्मान के साथ अपना जीवन जी सके। इसके लिए सरकारों, सामाजिक संगठनों और समुदायों को मिलकर काम करने की जरूरत है। केवल घर बना देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां पानी, बिजली, स्वच्छता, परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता भी होनी चाहिए।

इस अवसर पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता कार्यक्रम, चर्चाएं, कार्यशालाएं और प्रदर्शनियां आयोजित की जाती हैं। साल 2026 में विश्व आवास दिवस का वैश्विक आयोजन ओमान की राजधानी मस्कट में 5 से 8 अक्टूबर तक किया जाएगा। इसमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, सरकारें और सामाजिक संगठन आवास से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा करेंगे।

विश्व आवास दिवस केवल बेघर लोगों की समस्या को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह सोचने का अवसर भी है कि आने वाले समय में हमारे शहर और बस्तियां कैसी होंगी। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच जरूरी है कि विकास के साथ आम लोगों की आवास संबंधी जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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