'किसी भी हार को हल्के में नहीं लेते, गेंद और बल्ले के बीच बराबरी का मुकाबला जरूरी': गौतम गंभीर
रांची, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम को शुक्रवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में 249 रन बनाने के बावजूद 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। मैच के बाद भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने बल्ले और गेंद के बीच ज्यादा कड़े मुकाबले की बात कही। इसके साथ ही गंभीर ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की तारीफ की।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने कहा, "आप किसी भी हार को हल्के में नहीं लेते। अगर आप सुधार करते रहना चाहते हैं, तो आप किसी भी बात को छिपाना नहीं चाहते। हम एक वर्ल्ड चैंपियन टीम हैं, इसलिए हम सुधार करते रहना चाहते हैं। ये साफ तौर पर गेंदबाजी के लिए मुश्किल हालात हैं। हम जानते हैं कि ओस वाली सपाट विकेटें होती हैं। यह मुश्किल है। हमें इसका हल निकालना होगा।"
गंभीर ने कहा, "वेस्टइंडीज को जीत का श्रेय जाता है। वेस्टइंडीज ने पहले ओवर में दो विकेट और फिर पावरप्ले में तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद शाई होप और शेरफेन ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों वर्ल्ड-क्लास बल्लेबाज हैं। यह हमारे लिए मुश्किल था, लेकिन हम सुधार करते रहेंगे।"
उन्होंने कहा, "हालात ऐसे होने चाहिए कि बॉलर्स को बैटर्स के रहमोकरम पर छोड़ने के बजाय मुकाबला करने का सही मौका मिले।"
गंभीर ने कहा, "हम एक बराबरी का मुकाबला भी देखना चाहते हैं। ये बॉलर हमारे बॉलर हैं, किसी और के नहीं। उनका करियर दांव पर लगा है, उन्होंने इस ड्रेसिंग रूम में बैठने के लिए बहुत मेहनत की है। अगर मुकाबला बराबरी का रहा, तो हम क्रिकेट का बेहतर खेल देखेंगे।"
हेड कोच गंभीर ने युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव की तारीफ करते हुए कहा, "वह एक तेज गेंदबाज है, उसे एक तेज गेंदबाज की तरह ही गेंदबाजी करनी चाहिए। वह धीमा गेंदबाज नहीं है। अगर आप 150 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो करें, अगर आप 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से गेंदबाजी करते हैं, तो करें। जब आप तेज गेंदबाज के तौर पर खेल रहे होते हैं, तो तेज गेंदबाजी करना आपकी जिम्मेदारी होती है। और उसने आज ऐसा ही किया और सफलता हासिल की।"
मयंक यादव ने 3 ओवर में 36 रन देकर 3 विकेट लिए।
--आईएएनएस
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