किश्तवाड़ में बादल फटने पर जितेंद्र सिंह बोले, नुकसान उठाने वाले दुकानदारों को मिलेगा मुआवजा
किश्तवाड़, 1 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छतरू इलाके में शनिवार तड़के बादल फटने से कुछ दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा। हालांक इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर बताया कि बादल फटने की खबर मिलते ही उन्होंने किश्तवाड़ के डीसी पंकज कुमार शर्मा से बात की। डीसी ने उन्हें बताया कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार किसी की जान नहीं गई है। कुछ दुकानें जरूर क्षतिग्रस्त हुई हैं। सरकार की तरफ से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
जितेंद्र सिंह ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि पिछले साल चसोटी में हुए बादल फटने की घटना के बाद सरकार ने एहतियात के तौर पर कदम उठाए हैं। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने किश्तवाड़ और मचैल में दो नए अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए हैं। इन सिस्टम की मदद से बादल फटने जैसी घटनाओं की पहले से चेतावनी मिल सकेगी। इसके साथ ही पाडर इलाके में एक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन भी जल्द लगाया जा रहा है।
किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर पंकज शर्मा ने आईएएनएस से कहा, "सुबह करीब 3 बजे छतरू में जेएंडके बैंक के पास डुग्गा मार्केट के पास एक नाले में बादल फटने की घटना हुई। इसके कारण दो घरों और दो दुकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा। साथ ही दो गाड़ियां भी बह गईं। घटना के तुरंत बाद हमने हाइड्रोलिक विभाग, पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका अधिकारियों और अन्य संबंधित एजेंसियों और विभागों को सक्रिय कर दिया।"
किश्तवाड़ के अलावा जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भी 19 जुलाई को भारी बारिश और बादल फटने से बड़ा नुकसान हुआ था। यहां तेज बारिश के बाद भूस्खलन हुआ जिससे थानामंडी-डीकेजी-बुफलियाज रोड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह सड़क बीआरओ की एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसी सड़क से राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों का कश्मीर घाटी से संपर्क होता है। लगातार बारिश की वजह से अचानक आई बाढ़ में सड़क के कई हिस्से, पुलिया और बड़े-बड़े पेड़ बह गए।
--आईएएनएस
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