किसानों की मदद हमारी प्राथमिकता, उद्धव की सत्ता परिवर्तन वाली सोच सिर्फ कल्पना: आनंद दुबे
मुंबई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजनीतिक विश्लेषक आनंद दुबे ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की दशहरा रैली का बचाव करते हुए उद्धव ठाकरे और विपक्ष पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति के बीच किसानों की मदद करना सरकार की प्राथमिकता है। विधायकों और मंत्रियों ने राहत कोष के लिए लाखों-करोड़ों रुपए के चेक सौंपे हैं, ताकि किसानों को आर्थिक सहायता मिल सके। इस दौरान उन्होंने उद्धव ठाकरे के अप्रैल में सरकार गिरने के दावे को भी खारिज किया और कहा कि सत्ता परिवर्तन का फैसला सड़कों पर नहीं, बल्कि चुनाव में जनता करती है।
आनंद दुबे ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने अपनी दशहरा रैली में किसानों की समस्याओं और उनकी सहायता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए किसानों तक मदद पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विधायकों और मंत्रियों की ओर से राहत कोष में चेक सौंपे जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक राजनीति का उदाहरण है।
उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए दुबे ने कहा कि उनकी राजनीति सरकार गिराने और सत्ता परिवर्तन की बातों तक सीमित है। भारत में सरकार बदलने का रास्ता चुनाव है और जनता अपने मताधिकार से तय करती है कि किसे सत्ता में आना चाहिए। उन्होंने दूसरे देशों में हुए राजनीतिक उथल-पुथल का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या विपक्ष भारत में भी इसी तरह की स्थिति चाहता है।
उद्धव ठाकरे के इस अनुमान पर कि अप्रैल में सरकार गिर जाएगी, दुबे ने तंज कसते हुए इसे महज कल्पना बताया। उन्होंने कहा कि किसी जादू से सरकार गिर जाने जैसी बातें वास्तविकता से दूर हैं। ऐसे बयान कुछ समय के लिए खुशी दे सकते हैं, लेकिन इससे राजनीतिक परिस्थितियां नहीं बदलतीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 2029, 2034, 2039, 2044 और 2049 तक सत्ता में बनी रहेगी।
उद्धव ठाकरे के इस सवाल पर कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने 14 वर्षों में देश के लिए क्या किया, आनंद दुबे ने केंद्र का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ी है। देश के युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंजीनियरिंग, कानून, चार्टर्ड अकाउंटेंसी और सिविल सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्टार्टअप और कारोबार के क्षेत्र में भी भारत की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने पिछली यूपीए सरकारों पर भ्रष्टाचार और घोटालों का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने कानून-व्यवस्था मजबूत करने और किसानों, युवाओं और महिलाओं के हित में काम करने का प्रयास किया है।
उद्धव ठाकरे के कांग्रेस नेता राहुल गांधी और जेन-जी के साथ खड़े होने के बयान पर दुबे ने शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि उद्धव ठाकरे को कांग्रेस के साथ ही जाना था, तो उन्हें अपनी राजनीतिक दिशा पहले ही स्पष्ट कर देनी चाहिए थी। दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन उद्धव ठाकरे की राजनीतिक विचारधारा से मेल नहीं खाता।
उद्धव ठाकरे की इस टिप्पणी पर कि किसानों को पांच हजार रुपए देकर सरकार कोई एहसान नहीं कर रही, दुबे ने कहा कि सरकार और उसके प्रतिनिधि किसानों की सहायता के लिए आर्थिक योगदान दे रहे हैं। उन्होंने मंच पर विधायकों और मंत्रियों द्वारा चेक सौंपे जाने का जिक्र किया और दावा किया कि इस राशि से किसानों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा। दुबे ने ठाकरे से सवाल किया कि उनकी ओर से किसानों के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। शिंदे गुट के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों की मदद के लिए काम कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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