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किसान राहत पैकेज पर शिवसेना का सरकार के पक्ष में बचाव, विपक्ष के आरोपों को बताया निराधार

मुंबई, 7 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार द्वारा हाल ही में घोषित 31,000 करोड़ रुपए के किसान राहत पैकेज और दो लाख रुपए तक की कर्जमाफी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए इसे किसानों के हित में उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया।
किसान राहत पैकेज पर शिवसेना का सरकार के पक्ष में बचाव, विपक्ष के आरोपों को बताया निराधार

मुंबई, 7 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार द्वारा हाल ही में घोषित 31,000 करोड़ रुपए के किसान राहत पैकेज और दो लाख रुपए तक की कर्जमाफी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए इसे किसानों के हित में उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया।

उन्होंने विपक्षी नेताओं द्वारा किए जा रहे विरोध और आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया तथा सरकार की योजनाओं की सराहना करने की सलाह दी।

कृष्णा हेगड़े ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने कुछ दिन पहले किसानों के लिए 31,000 करोड़ रुपए का राहत पैकेज घोषित किया है, जिससे राज्य के लगभग 60 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार दो लाख रुपए तक के कृषि ऋण की माफी भी दे रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों को आर्थिक संकट से उबारने और कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

हेगड़े ने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने किसानों के लिए इतने बड़े पैमाने पर राहत पैकेज उपलब्ध नहीं कराए थे। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए लगातार उनके हित में निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि यह पैकेज केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा देने का प्रयास भी है।

इस दौरान उन्होंने एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार द्वारा सरकार की आलोचना और विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर भी प्रतिक्रिया दी। कृष्णा हेगड़े ने कहा कि रोहित पवार सरकार की आलोचना कर रहे हैं, जबकि उन्हें किसानों के लिए उठाए गए इस बड़े कदम की प्रशंसा करनी चाहिए।

शिवसेना प्रवक्ता ने राज्य की राजनीति में उठ रहे चुनावी हेरफेर के आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कांग्रेस नेता नाना पटोले द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि विधान परिषद चुनावों में छह स्थानों पर शिवसेना और महायुति समर्थित उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना विपक्ष की कमजोरी का परिणाम है, न कि किसी प्रकार की गड़बड़ी का।

हेगड़े ने कहा कि महाविकास अघाड़ी के अंतर्गत आने वाली कांग्रेस और अन्य दलों के उम्मीदवारों ने स्वयं अपने नामांकन वापस लिए थे। यह दर्शाता है कि विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को अपने नेतृत्व और चुनावी संभावनाओं पर भरोसा नहीं था। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी उम्मीदवार चुनाव मैदान में ही नहीं रहे तो महायुति के उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना स्वाभाविक था।

कृष्णा हेगड़े ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि नाना पटोले अपनी पार्टी और सहयोगी दलों के उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में बनाए नहीं रख सकते तो उन्हें दूसरे दलों पर आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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