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किरेन रिजिजू बोले जेन-जी हमारे अपने बच्चे, वीडियो में जाने कांग्रेस के दौर में ऐसा आंदोलन होता तो हजारों जानें जातीं

किरेन रिजिजू बोले जेन-जी हमारे अपने बच्चे, वीडियो में जाने कांग्रेस के दौर में ऐसा आंदोलन होता तो हजारों जानें जातीं

 

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जेन-जी आंदोलन, जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन, अभिजीत दीपके, राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर कई अहम बयान दिए हैं। मीडिया को दिए इंटरव्यू में रिजिजू ने कहा कि जेन-जी देश के अपने बच्चे हैं और उनके साथ लगातार संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से युवाओं से बातचीत करने में किसी तरह की कमी नहीं है और उनकी चिंताओं को समझने की कोशिश लगातार जारी है।

जेन-जी आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं के साथ संवाद लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि युवा अपनी बात रखने के लिए आंदोलन या प्रदर्शन का रास्ता चुन सकते हैं, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी है कि उनकी बात सुनी जाए और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकालने का प्रयास किया जाए।

रिजिजू ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, इसके बावजूद पुलिस ने संयम बरता। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, हजारों लोगों के प्रदर्शन के बावजूद एक भी गोली नहीं चली और किसी भी प्रदर्शनकारी को गंभीर चोट नहीं लगी।

उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की तुलना कांग्रेस के शासनकाल से करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। रिजिजू ने दावा किया कि अगर इस तरह का आंदोलन कांग्रेस के दौर में हुआ होता, तो स्थिति काफी अलग हो सकती थी और हजारों लोगों की जान जा सकती थी। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार आंदोलनों और असहमति को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानती है। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य युवाओं की आवाज को दबाना नहीं, बल्कि उनके साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझना है। उन्होंने जेन-जी को लेकर कहा कि यह देश का युवा वर्ग है और इनके साथ दूरी बनाने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।

इंटरव्यू के दौरान रिजिजू ने अभिजीत दीपके, राहुल गांधी और कांग्रेस से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। हालांकि, उनके बयानों का केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक बहस ही रही। उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए सरकार के रुख का बचाव किया।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के संदर्भ में रिजिजू का बयान ऐसे समय आया है जब युवाओं के आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। एक तरफ विपक्ष सरकार की कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार की ओर से प्रदर्शन के दौरान पुलिस के संयम का हवाला दिया जा रहा है।

रिजिजू के बयान से साफ है कि सरकार जेन-जी से जुड़े मुद्दों को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से नहीं, बल्कि संवाद और राजनीतिक भागीदारी के स्तर पर भी देखना चाहती है। साथ ही कांग्रेस पर उनका हमला आने वाले दिनों में राजनीतिक विवाद को और बढ़ा सकता है।

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