किन्नर अखाड़े से बाहर हुईं ममता कुलकर्णी, कम्प्यूटर बाबा बोले- शंकराचार्य भगवान समान
प्रयागराज, 29 जनवरी (आईएएनएस)। किन्नर अखाड़े ने पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी के हाल में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर दिए बयान के कारण महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया है। इस बीच कम्यूटर बाबा ने गुरुवार को किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के इस फैसले का स्वागत किया।
कम्प्यूटर बाबा ने किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "यह निश्चित रूप से स्वागत योग्य है। अगर ममता कुलकर्णी को उनके अखाड़े से हटा दिया गया तो यह सही है। हमारे शंकराचार्य एक सम्मानित व्यक्ति हैं। हमारे धर्माचार्य हैं। चार शंकराचार्य होते हैं, उनमें से एक अविमुक्ताचार्य हैं। भगवान हैं वे। आप उन पर कैसे टिप्पणी कर सकते हैं? पूरा सनातन संत समाज इसकी कड़ी निंदा करता है।"
कम्प्यूटर बाबा ने आगे कहा कि ममता कुलकर्णी ने शंकराचार्य पर कड़ी टिप्पणी की, जो कि गलत था। किन्नर अखाड़े ने उन्हें इसलिए हटाया क्योंकि उन्होंने सनातन धर्म को गलत तरीके से पेश किया था। उन्होंने इस कार्रवाई को बहुत अच्छी बताया।
दरअसल, ममता कुलकर्णी ने 25 जनवरी को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की भूमिका और आचरण पर सवाल उठाए थे। साथ ही, उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया और बड़ी भीड़ के साथ पालकी में स्नान करने की आवश्यकता पर सवाल उठाए।
इसके बाद किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने 27 जनवरी को साफ कहा कि अब ममता कुलकर्णी का अखाड़े से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि ममता न तो अखाड़े की अधिकारी हैं और न ही सदस्य। उनके किसी भी बयान से अखाड़े का कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में ममता ने इंस्टाग्राम के जरिए इस्तीफे की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि उनका इस्तीफा 27 जनवरी से प्रभावी होगा और यह पूरी स्वेच्छा से लिया गया निर्णय है।
बता दें कि ममता कुलकर्णी को महाकुंभ 2025 में 24 जनवरी को किन्नर अखाड़े ने महामंडलेश्वर बनाया था और नया नाम दिया था, लेकिन शुरू से ही कुछ संतों ने इसका विरोध किया था। अब यह फैसला आने के बाद ममता कुलकर्णी का अखाड़े से संबंध पूरी तरह खत्म हो गया है।
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