किम जोंग-उन की बहन ने परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग ठुकराई, परमाणु हथियारों को बताया आत्मरक्षा का साधन
सियोल, 18 जून (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठ रही परमाणु निरस्त्रीकरण की मांगों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश के परमाणु हथियार उसके "मूल राष्ट्रीय हितों" का हिस्सा हैं और परमाणु निरस्त्रीकरण ऐसा मुद्दा है, जिससे किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटाया जा सकता।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, किम यो-जोंग ने अपने बयान में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर उत्तर कोरिया से परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग करने को "पुरानी सोच" करार दिया।
उनकी यह प्रतिक्रिया फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान जारी संयुक्त बयान के बाद आई, जिसमें जी7 देशों के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुरूप उत्तर कोरिया के "पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण" के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
किम यो-जोंग ने जी7 की मांग को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण का मुद्दा अब "अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त" हो चुका है और इसे कभी लागू नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, "परमाणु हथियार हमारी संप्रभुता की रक्षा का सबसे शक्तिशाली साधन हैं और देश में शांति सुनिश्चित करने की आधारशिला हैं। हमारे कानून के अनुसार यह आत्मरक्षा का माध्यम है।"
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई देश परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के मूल हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं और वह स्वयं अपने लिए विनाश को आमंत्रित करेगा।
गौरतलब है कि डीपीआरके (डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया) उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है।
--आईएएनएस
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