खुले तेल की बिक्री पर फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला, छोटे व्यापारियों को दी एक साल की राहत
मुंबई, 1 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने खुले तेल की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने छोटे और पारंपरिक तेल व्यापारियों को एक साल की राहत देते हुए मौजूदा नियमों के पालन के लिए अस्थायी छूट देने का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय में तेल व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस बैठक में खुले तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंध और व्यापारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2011 में खुले तेल की बिक्री को लेकर कानून बनाया गया था। इस कानून का मुख्य उद्देश्य तेल की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। खुले तेल में मिलावट की आशंका अधिक रहती है, इसलिए पैक्ड और मानक तेल की बिक्री को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तेल की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
हालांकि, सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि आज भी बड़ी संख्या में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार खुले तेल की खरीदारी करते हैं। गांवों और छोटे शहरों में लोग अपनी जरूरत के हिसाब से कम मात्रा में तेल खरीदते हैं। ऐसे में अचानक सख्ती लागू करने से आम लोगों और पारंपरिक कारोबारियों दोनों को परेशानी होगी।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने संतुलित रास्ता अपनाया है। सरकार ने फिलहाल व्यापारियों को एक साल की मोहलत देने का फैसला किया है। इस एक साल के दौरान व्यापारी अपना कारोबार जारी रख सकेंगे, लेकिन उन्हें अपने कारोबार को नए नियमों के अनुसार ढालना होगा।
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए एफडीए और व्यापारियों की एक संयुक्त समिति बनाने के निर्देश दिए हैं। यह समिति तय करेगी कि पारंपरिक कारोबारियों को नए नियमों के अनुरूप कारोबार करने के लिए क्या बदलाव करने होंगे, लाइसेंस प्रक्रिया कैसे सरल होगी और गुणवत्ता मानकों का पालन कैसे सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल एक साल के लिए है और इसके बाद समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। एक साल बाद सभी व्यापारियों को अनिवार्य रूप से कानून का पालन करना होगा।
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