खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी मिलने पर लुधियाना के साइकिल इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी खुश, पीएम मोदी से की खास अपील
लुधियाना, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल विनिर्माण इकोसिस्टम विकसित करने के लिए खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी है। लुधियाना के साइकिल इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों ने इसकी सराहना की है।
यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डी. एस. चावला ने आईएएनएस से कहा, "भारत सरकार को समझ में आ गया है कि खेलों को बढ़ावा देने का मतलब है युवाओं को सेहतमंद करना। अगर युवा स्वस्थ रहेंगे, तभी वे देश की तरक्की में अपना योगदान दे सकेंगे। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट का खेलों के क्षेत्र पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा।"
उन्होंने कहा, "बच्चा अगर मोबाइल पर गेम खेलता है, तो उसका शारीरिक विकास नहीं होता है। शारीरिक विकास खेल से ही होगा। शारीरिक खेल से दिमाग का भी विकास होता है और बच्चे हर क्षेत्र में आगे जाते हैं।"
चावला ने कहा, "साइकिल शुरुआत से ही फिटनेस के लिए अच्छी रही है। साइकिल चलाते समय हमारे हाथ और पैर का मूवमेंट होता है। मैं पीएम मोदी से अनुरोध करूंगा कि खेलो इंडिया स्कीम में साइकिल इंडस्ट्री को भी जोड़ दें। साइकिल से ईंधन की बचत होती है और ट्रैफिक कम होता है। साइकिल उद्योग को बढ़ावा देने से सरकार का युवाओं को लेकर जो मिशन है, वो भी पूरा होगा। सरकार ने जो कदम उठाया है, वो सराहनीय है।"
उन्होंने कहा, "मैं एक देशवासी होने के नाते पीएम मोदी से कहना चाहता हूं कि आपने देश की 140 करोड़ जनता को विश्व के मानचित्र पर आदर सहित प्रतिष्ठित कराया है। भारत के लोग अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड जैसे देशों में हैं और अपनी दिमागी क्षमता से उन देशों की तरक्की में योगदान दे रहे हैं। मैं पीएम से अपील करता हूं कि हर क्षेत्र को आगे बढ़ाएं और अपने देश के लोगों को वापस आने का माहौल बनाएं। इससे देश का विकास होगा। सरकार को लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देना चाहिए।"
हरविंदर सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री खेल उत्पादन क्षेत्र के लिए जो योजना लेकर आए हैं, वो शानदार है। साइकिल उद्योग को जमीनी स्तर पर इसका फायदा मिलना चाहिए। छोटे कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। साइकिल इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। अगर सरकार से सहयोग मिलता है, तो पंजाब में साइकिल इंडस्ट्री बहुत आगे बढ़ेगी।"
केंद्र सरकार ने खेलो इंडिया के तहत वित्त वर्ष 2026-27 से 2033-34 तक के लिए खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी है। खेलो इंडिया के तहत स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए केंद्र सरकार ने 1,856.67 करोड़ रुपये का बजट रखा है। केंद्र सरकार की इस पहल से छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलने, रोजगार के अवसर बढ़ने और पंजाब के खेल उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस योजना का फायदा लुधियाना के साइकिल उद्योग को हो सकता है।
--आईएएनएस
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