Samachar Nama
×

खेल-खेल में शुरू हुआ हूला हूप का सफर, रांची की 11 साल की आश्वी ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

खेल-खेल में शुरू हुआ हूला हूप का सफर, रांची की 11 साल की आश्वी ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
खेल-खेल में शुरू हुआ हूला हूप का सफर, रांची की 11 साल की आश्वी ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

रांची, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। चार-पांच साल पहले जिस हूला हूप को रांची की छोटी सी बच्ची आश्वी वशिष्ठ महज खेल-खेल में घुमाया करती थीं, उन्हें तब शायद ही पता रहा होगा कि यही हूला हूप एक दिन उन्हें दुनिया की रिकॉर्ड बुक तक पहुंचा देगा। महज 11 साल की उम्र में आश्वी ने एक मिनट में नाक के बल 80 बार हूला हूप घुमाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है।

रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र और मेडल गुरुवार को उनके घर पहुंचा तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रांची के डीएवी कपिलदेव स्कूल में कक्षा छह की छात्रा आश्वी ने यह रिकॉर्ड 3 मई 2026 को बनाया था। रिकॉर्ड के लिए उनके प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग स्कूल परिसर में की गई थी।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुताबिक, एक मिनट में नाक के चारों ओर हूला हूप को 80 बार घुमाना अपने आप में एक असाधारण प्रदर्शन है। खासकर इसलिए क्योंकि नाक पर हूला हूप को संतुलित रखते हुए लगातार गति और लय बनाए रखना बेहद कठिन माना जाता है।

आश्वी ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने करीब चार-पांच साल पहले हूला हूप की प्रैक्टिस शुरू की थी। शुरुआत में घर और आसपास के लोग उनकी गति और लय की तारीफ करते थे। धीरे-धीरे यह शौक अभ्यास में बदल गया। करीब छह महीने पहले उन्हें हूला हूप में रिकॉर्ड बनाने का विचार आया और इसके बाद उन्होंने लक्ष्य बनाकर अभ्यास शुरू कर दिया।

आश्वी की उपलब्धि सिर्फ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। उन्होंने इनलाइन स्केट्स पहनकर नाक पर एंटी-क्लॉकवाइज दिशा में 6 मिनट 40 सेकंड में 397 बार हूला हूप घुमाकर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी अपना नाम दर्ज कराया है।

वहीं, स्केट्स पर संतुलन बनाते हुए 3 मिनट 46 सेकंड में 226 बार हूला हूप घुमाने का रिकॉर्ड इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। 23 सितंबर 2015 को जन्मी आश्वी रांची के अपर बाजार निवासी राहुल वशिष्ठ और कविता वशिष्ठ की पुत्री हैं।

वह अपनी सफलता का श्रेय परिवार के प्रोत्साहन को देती हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा अशोक शर्मा हमेशा उनका हौसला बढ़ाते रहे। आश्वी ने कहा कि वह अपना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने दादा, मां और पापा को समर्पित करती हैं।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी

Share this story

Tags