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विपक्ष की 'सड़क संसद' में खड़गे की हुंकार: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाएं, SIR प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाएं

विपक्ष की 'सड़क संसद' में खड़गे की हुंकार: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाएं, SIR प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाएं

देश की राजनीति में चुनाव आयोग और विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग दोहराई है। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को INDIA गठबंधन ने दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन-महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित किया। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के नाम पर वोटरों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं और चुनाव आयोग ने अपने जवाब में कई दावों को खारिज किया है। 

‘वोट का अधिकार बचाना जरूरी’, खड़गे ने लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यक्रम के दौरान चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की कमी है।खड़गे ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई। 

SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग

विपक्षी दलों का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। विपक्ष ने मांग की है कि इस प्रक्रिया को रोका जाए और मतदाताओं के नाम हटाने या जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े फैसलों पर स्पष्टीकरण की जरूरत है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में विपक्ष के आरोपों को चुनौती दी है। आयोग का कहना है कि फॉर्म-6 में बदलाव किए जाने के दावे सही नहीं हैं।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन-महाभियोग’ कार्यक्रम क्यों हुआ?

INDIA गठबंधन ने पहले इस कार्यक्रम को शुक्रवार को आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन दिल्ली में बारिश के कारण इसे शनिवार के लिए टाल दिया गया। कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित किया गया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इसकी अध्यक्षता की, जबकि राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इसमें हिस्सा लिया।

इस कार्यक्रम को विपक्ष ने प्रतीकात्मक ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ या ‘जन-महाभियोग’ का नाम दिया है। यह संसद में होने वाली किसी औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया के समान नहीं है। विपक्ष ने इसके जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी राजनीतिक और संस्थागत आपत्तियां सामने रखीं।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्ष की बड़ी रैली

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्यक्रम के बाद INDIA गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली करने जा रहा है। इस रैली के जरिए विपक्ष SIR प्रक्रिया, कथित वोट चोरी और चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाएगा।विपक्षी दलों ने युवाओं, महिलाओं, छात्रों और नागरिक समाज के लोगों से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस के साथ-साथ चुनावी पारदर्शिता पर राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बना रह सकता है। 

अब आगे क्या होगा?

विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए और SIR पर रोक लगाई जाए। वहीं, चुनाव आयोग ने अपने जवाब में विपक्ष के कुछ प्रमुख आरोपों को खारिज किया है।ऐसे में इस विवाद का अगला चरण राजनीतिक आंदोलन, कानूनी प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह स्पष्ट है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है।

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