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खार्ग द्वीप में मौजूद ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान नहीं : ईरान

तेहरान, 14 मार्च (आईएएनएस)। ईरान ने दावा किया है कि खार्ग द्वीप पर उसके तेल के ढांचों को नुकसान नहीं पहुंचा है और वे बिल्कुल ठीक-ठाक हैं। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान की लाइफलाइन माने जाने वाले खार्ग पर एयर स्ट्राइक का दावा करते हुए कहा था कि सेना ने ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं किया है।
खार्ग द्वीप में मौजूद ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान नहीं : ईरान

तेहरान, 14 मार्च (आईएएनएस)। ईरान ने दावा किया है कि खार्ग द्वीप पर उसके तेल के ढांचों को नुकसान नहीं पहुंचा है और वे बिल्कुल ठीक-ठाक हैं। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान की लाइफलाइन माने जाने वाले खार्ग पर एयर स्ट्राइक का दावा करते हुए कहा था कि सेना ने ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं किया है।

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने कहा है कि खार्ग द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले में किसी भी ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी को नुकसान नहीं पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के दौरान द्वीप पर 15 से ज्यादा धमाके हुए और कई जगह से धुआं उठता देखा गया। बताया गया कि अमेरिका ने यहां सैन्य ठिकानों, जोशन सी बेस, एयरपोर्ट के कंट्रोल टावर और हेलीकॉप्टर हैंगर को निशाना बनाया।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि अमेरिकी सेना ने ईरान की प्रमुख संपत्तियों में से एक खार्ग द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।

यह द्वीप ईरान के लिए बहुत अहम है, क्योंकि ईरान का करीब 90 फीसदी कच्चा तेल यहीं से दुनिया के दूसरे देशों में जाता है। खार्ग द्वीप ईरान के दक्षिण में बुशेहर तट से लगभग 55 किलोमीटर दूर फारस की खाड़ी में स्थित है। यह एक कोरल द्वीप है जिसकी समुद्री गहराई इतनी अधिक है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल टैंकर भी यहां आसानी से लंगर डाल सकते हैं।

पाइपलाइनों के माध्यम से देश के कई बड़े तेल क्षेत्रों से कच्चा तेल यहां लाया जाता है और फिर टैंकरों के जरिए दुनिया भर में भेजा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी द्वीप से होकर गुजरता है, इसलिए इसे अक्सर देश की “आर्थिक जीवनरेखा” कहा जाता है।

--आईएएन

केआर/

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