खान सर-रोशन आनंद विवाद पर पप्पू यादव बोले, 'पटना के कोचिंग संस्थानों को बदनाम करने की साजिश'
पटना, 6 जून (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने पटना में कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद और खान सर पर दर्ज एफआईआर के मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कोटा के संस्थानों और कुछ यूट्यूबर्स पर विवाद को तूल देने का आरोप लगाया है। साथ ही, पप्पू यादव ने कहा कि इस घटना में पटना का प्रशासन आग में घी डालने का काम कर रहा है।
पप्पू यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "पटना के संस्थानों को बदनाम करने की गहरी साजिश हो रही है। छोटे-बड़े यूट्यूबर्स ने मुद्दों को भ्रमित किया। कल तक खान सर की ग्लोबल रिस्पेक्ट रही है, इसी तरह रोशन सर की भी बिहार और झारखंड के बच्चों के बीच सम्मानजनक छवि रही है।"
उन्होंने कहा, "दोनों (रोशन आनंद और खान सर) ही बिहार के सम्मानित व्यक्ति हैं। एक-दूसरे कोचिंग के बच्चों के बीच गाली-गलौज और नफरत की शुरुआत हुई, लेकिन यह सब कैसे हुआ। अगर खान सर के किसी गार्ड या किसी अन्य व्यक्ति ने गलती की है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। मुझे नहीं पता कि इसमें खान सर की कितनी भागीदारी है। इसी तरह रोशन सर की भी इसमें कोई भागीदारी नहीं है। अगर रोशन सर के किसी छात्र या रिश्तेदार ने कोई गलती की हो तो उसमें रोशन सर को जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है? उन्हें जेल क्यों भेजा गया? उसी तरह अगर किसी गार्ड ने बदमाशी की है तो उसमें खान सर को कैसे जिम्मेदार माना जा सकता है? फैसल खान के नाम पर मामले को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश हो रही है।
सांसद ने यह भी कहा कि हमारे नई पीढ़ी के बच्चे दिनभर दिग्भ्रमित होते रहते हैं। जिनकी दुकान (कोचिंग सेंटर) नहीं चल रहे थे, वह इस विवाद में मजे ले रहे हैं। दोनों (खान सर और रोशन आनंद) ही छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। कई ऐसी संस्थाएं हैं, तो जो कोटा (राजस्थान) से 30 से 40 प्रतिशत ऊपर हैं। बिहार की संस्थाएं उन दूसरी संस्थाएं के लिए चुनौती बन चुकी हैं और इसी कारण विवाद बढ़ता चला गया है।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि इस विवाद में प्रशासन भी आनंद ले रहा है। इन घटनाओं में कोई 302 का अपराधी नहीं है। भूल हो सकती है, इसलिए क्या इसे आपराधिक घटना की दृष्टि से देखा जाएगा? पुलिस असली अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर पाती, लेकिन शिक्षक या शिक्षक के लोगों से गलती होने पर प्रशासन आग में घी डालने का काम कर रहा है।
पप्पू यादव ने आगे कहा, "दोनों संस्थानों (खान सर और ज्ञान बिंदु वाले रोशन आनंद) के छात्र टॉप कर रहे हैं। लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। छोटे दुकानदार जिनकी दुकान बंद हो गई, वह मामले को और तूल दे रहे हैं। कोई किसी को कोचिंग माफिया कह रहा है, लेकिन इस तरह के आरोपों से समस्या का समाधान नहीं होगा। यह विवाद किस चीज का है? रोशन सर अपने रास्ते पर हैं। इन लोगों को झूठ का सहारा क्यों लेना पड़ा? सच के रास्ते पर चलिए। झूठ को खत्म करिए।"
उन्होंने कहा कि दोनों का सम्मान अपनी-अपनी जगह है। इसमें छोटे-बड़े की बात नहीं है। बाकी समाज और छात्रों को तय करने दें। इसके बावजूद विवाद यह समझ से बाहर है।
--आईएएनएस
डीसीएच/

