खामेनेई को श्रद्धांजलि देने पुराने लखनऊ पहुंचे अजय राय, केंद्र की चुप्पी पर उठाए सवाल
लखनऊ, 2 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार को पुराने लखनऊ के शिया बहुल इलाके का दौरा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
अजय राय ने कहा कि खामेनेई ने कठिन परिस्थितियों में भी आत्मसमर्पण का रास्ता नहीं चुना, बल्कि अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। उन्होंने उनकी शहादत को साहस और प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए कहा कि विश्व राजनीति में उनका प्रभाव लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यक्तित्व के निधन पर केंद्र की ओर से स्पष्ट संवेदना व्यक्त न किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उनके मुताबिक, भारत की परंपरा वैश्विक स्तर पर संवाद, सह-अस्तित्व और सम्मान की रही है; ऐसे में सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
अजय राय ने भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्ते सदियों पुराने हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार की नीतियों के कारण इन संबंधों में अपेक्षित मजबूती नहीं दिख रही है।
अजय राय ने कहा कि भारत को अपनी विदेश नीति में संतुलन और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की पारंपरिक छवि और मजबूत हो सके। दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वैश्विक शांति और संवाद की भावना को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
-- आईएएनएस
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