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खामेनेई की मौत पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति: मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी

बरेली, 1 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है। यह न केवल ईरान के लोगों के लिए, बल्कि उनका सम्मान करने वाले हर व्यक्ति के लिए शोक और पीड़ा का क्षण है।
खामेनेई की मौत पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति: मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी

बरेली, 1 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है। यह न केवल ईरान के लोगों के लिए, बल्कि उनका सम्मान करने वाले हर व्यक्ति के लिए शोक और पीड़ा का क्षण है।

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल वर्षों से खामेनेई को खत्म करने और ईरान के नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें एक सशक्त व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता था, जो दमन के खिलाफ खड़े रहे और लगातार अन्याय को चुनौती देते रहे। इसी कारण खामेनेई अमेरिका के निशाने पर बने रहे। उन्होंने कहा कि ईरान के दुख की घड़ी में मुस्लिम समुदाय साथ में खड़ा है।

उन्होंने कहा कि भारत में जो लोग खामेनेई की मौत पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, मैं उनसे अपील करना चाहता हूं कि वे विरोध प्रदर्शन जरूर करें, लेकिन अमन और शांति बरकरार रखें।

उन्होंने कहा कि इस बात का खास ध्यान रखें कि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में न ले। उन्होंने खाड़ी देशों और ईरान में फंसे भारतीयों को वापस लाने की व्यवस्था करने की अपील सरकार से की।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि होने पर ईरानी सरकार ने 40 दिन के शोक का ऐलान किया। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि खामेनेई की बेटी, पोता और दामाद भी हमले में मारे गए।

खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि ईरान के सुप्रीम लीडर यूएस-इजरायल के संयुक्त हमलों में मारे गए। उन्होंने इसे ईरानियों के लिए अपने देश पर कंट्रोल वापस पाने का 'सबसे बड़ा मौका' बताया।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी

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