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खामनेई की मौत पर भारत सरकार की चुप्पी विचलित करती है: इमरान मसूद

नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर कहा कि ईरान हमारा दोस्त है। उसके साथ हमारे पारंपरिक रिश्ते हैं। ईरान अकेला मुल्क है जिसने यूएन के अंदर कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया। ऑपरेशन सिंदूर के समय ईरान हमारे साथ खड़ा रहा।
खामनेई की मौत पर भारत सरकार की चुप्पी विचलित करती है: इमरान मसूद

नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर कहा कि ईरान हमारा दोस्त है। उसके साथ हमारे पारंपरिक रिश्ते हैं। ईरान अकेला मुल्क है जिसने यूएन के अंदर कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया। ऑपरेशन सिंदूर के समय ईरान हमारे साथ खड़ा रहा।

उन्होंने कहा कि जब दुनिया में कोई नहीं खड़ा हो रहा था, तब ईरान खड़ा था। ईरान के साथ हमारे व्यापारिक रिश्ते हैं। खामेनेई की मौत पर भी हमारे यहां से दो शब्द न निकलें तो यकीनी तौर पर यह विचलित करता है। सरकार सारी विदेश और कूटनीति की धज्जियां उड़ाने पर लगी हुई है।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है। शांति के दूत हम तभी बन पाएंगे जब हम न्यूट्रल होंगे। आप विश्वगुरु बनने की बात करते हैं। आप बड़े भाई की भूमिका में तब आ सकते थे जब आप ईरान के साथ बात करते। उनके सुप्रीम लीडर का कत्ल हुआ है। युद्ध के हालात में अगर बात नहीं हो पा रही है, तो आपका बयान आता कि इस तरह उनका जाना बहुत गलत है। हमला ईरान ने नहीं किया बल्कि उस पर हुआ है। विश्व में हो रही दादागिरी के खिलाफ कोई तो बोलने का साहस करेगा।

खामेनेई की मौत पर भारत की चुप्पी को लेकर सोनिया गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर इमरान मसूद ने कहा, "ईरान हमारा पारंपरिक मित्र है, जहां से व्यापारिक साझेदारी बहुत ज्यादा है। तेल का 50 प्रतिशत आयात वहीं से आता है। ऐसी परिस्थिति में जब आप यूएई, सऊदी और इजराइल से बात कर रहे हैं तो भारत को न्यूट्रल नजर आना चाहिए। हमारी पॉलिसी है लेकिन ईरान के लिए आपके द्वारा दो लफ्ज भी नहीं बोले गए। यह बहुत ज्यादा आश्चर्यचकित भी करता है और दुखी भी करता है।

उन्होंने बताया कि खामनेई साहब कहते थे कि ईरान और हिंदुस्तान की दोस्ती 3,000 साल पुरानी है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने डिस्कवरी ऑफ इंडिया जब लिखी तो खामनेई साहब ने 4 बार पढ़ी। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान को जानने के लिए डिस्कवरी ऑफ इंडिया पढ़ो। वह बहुत हिंदुस्तान के बारे में जानकारी रखते थे। गांधी और नेहरू से खास रिश्ता ईरान का रहा है। ईरान इस बात का हमेशा पक्षधर रहा है कि इंसानियत हमेशा जिंदा रहनी चाहिए।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

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