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खड़गे की रैली के बाद मंच पर भाजपा ने 'शुद्धिकरण' की रस्म निभाई, कांग्रेस ने राज्यपाल से की शिकायत

खड़गे की रैली के बाद मंच पर भाजपा ने 'शुद्धिकरण' की रस्म निभाई, कांग्रेस ने राज्यपाल से की शिकायत
खड़गे की रैली के बाद मंच पर भाजपा ने 'शुद्धिकरण' की रस्म निभाई, कांग्रेस ने राज्यपाल से की शिकायत

देहरादून, 24 अगस्त (आईएएनएस) उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद भाजपा द्वारा किए गए ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ के विरोध में सोमवार को कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के नेतृत्व में उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं कांग्रेसजनों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस की ओर से कहा गया कि जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान का ‘शुद्धिकरण’ संविधान, सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों का सीधा अपमान है। भाजपा सरकार बताए कि देवभूमि में छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता को आखिर कब तक संरक्षण मिलेगा। संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और हर व्यक्ति के सम्मान के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी।

कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हम लोगों ने गवर्नर से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन दिया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 8 अगस्त को हल्द्वानी आए और वहां एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया, तो उस कार्यक्रम के बाद भाजपा से जुड़े लोगों ने उसी मंच पर 'शुद्धिकरण' की रस्म निभाई, जहां से उन्होंने राज्य की जनता को संबोधित किया था। अगर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या पिछड़े वर्ग के किसी व्यक्ति के साथ ऐसा किया जाता है तो हम इसकी कड़ी से कड़ी निंदा करते हैं। यह हरकत संविधान का उल्लंघन है और देश के कानूनों के खिलाफ है, इसीलिए हम गवर्नर से मिलने आए हैं। अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी पूरे राज्य में आंदोलन शुरू करेगी।

दूसरी ओर, एनएसए अजीत डोभाल के चीन दौरे को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने तंज कसा।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कहती है कि चीन के साथ कोई मसला नहीं है। किसी को भारत में घुसने तक नहीं दिया है तो चीन से बात क्या करनी है? बॉर्डर पर तो सामान्य तौर पर छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन एनएसए का चीन दौरा क्या दिखाता है? सरकार के कथनी और करनी में अंतर है। दूसरी तरफ हाई पावर डेलिगेशन को भेजा जाता है, लेकिन इन दोनों में तार नहीं बैठ रहा है।

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता है कि डोभाल क्यों चीन गए? इसका बेहतर जवाब तो वहीं दे सकते हैं। क्योंकि, एक तरफ सरकार हमें चीनी उत्पाद का बहिष्कार करने को कहती है। दूसरी तरफ हमारे एनएसए वहां राष्ट्रपति से मिल रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में तरह-तरह के सवाल उठते हैं। चीन पर सरकार का बस नहीं चल रहा है।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी

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