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खड़गे के बयान पर भड़कीं नाजिया इलाही खान, देशभर में एफआईआर दर्ज करने की मांग

खड़गे के बयान पर भड़कीं नाजिया इलाही खान, देशभर में एफआईआर दर्ज करने की मांग
खड़गे के बयान पर भड़कीं नाजिया इलाही खान, देशभर में एफआईआर दर्ज करने की मांग

कोलकाता, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा नेता नाजिया इलाही खान ने कालीघाट मंदिर में मंगलवार को मां काली के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान, महुआ मोइत्रा-निशिकांत दुबे से जुड़े विवाद और कुणाल घोष के आवास पर पुलिस की मौजूदगी को लेकर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की प्रशंसा की और कहा कि मौजूदा सरकार में कानून-व्यवस्था को संवैधानिक दायरे में संभालने की दिशा में काम हो रहा है। वहीं, विभिन्न राजनीतिक विवादों पर उन्होंने विपक्षी नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।

कालीघाट मंदिर में दर्शन के बाद नाजिया इलाही खान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की है। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सुरक्षा इंतजाम देखकर उन्हें भरोसा हुआ कि राज्य में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री को भी धमकी मिली थी और शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क का नाम वॉट्सऐप पर उनके संदर्भ में सामने आया था। इसी वजह से मैं एयरपोर्ट से सीधे मां काली के दर्शन करने पहुंचीं। इस दौरान मैंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लंबी आयु और सुरक्षित जीवन के लिए प्रार्थना की। खान ने कहा कि राष्ट्रभक्त महिलाओं को सुरक्षा मिलना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार की सराहना की।

पश्चिम बंगाल में हो रहे एनकाउंटर को लेकर भाजपा नेता ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कार्रवाई का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई, एनकाउंटर और कानून-व्यवस्था संभालने के तरीके की प्रशंसा की जाती थी। अब पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल रही है। खान ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में दुष्कर्म की पीड़िताओं के चरित्र पर सवाल उठाए जाते थे और उन्हें प्रेम संबंध या गर्भावस्था से जोड़कर निशाना बनाया जाता था। केवल पांच महीने की सरकार में पुलिस और प्रशासन के कामकाज में बदलाव आना महत्वपूर्ण है। दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की वकालत करते हुए उन्होंने मौजूदा कानून-व्यवस्था की प्रशंसा की।

पीएम मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर नाजिया इलाही खान ने कहा कि कांग्रेस से उन्हें ऐसी भाषा की उम्मीद पहले से थी। जो पार्टी भगवान राम को काल्पनिक बताती है, उससे मर्यादित भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। प्रधानमंत्री एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं और उनके बारे में की गई अनुचित टिप्पणी संविधान तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा से जुड़ा विषय है। नाजिया इलाही खान ने मांग की कि खड़गे के खिलाफ देशभर में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इस तरह की टिप्पणी केवल प्रधानमंत्री का अपमान नहीं, बल्कि संवैधानिक पद और लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा का उल्लंघन है।

महुआ मोइत्रा और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे से जुड़े विवाद पर नाजिया इलाही खान ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार के समय उन्होंने मां काली के संबंध में महुआ मोइत्रा की आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उस समय पुलिस ने उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की थी। महुआ मोइत्रा की टिप्पणियां एक महिला और भारतीय नागरिक के रूप में मर्यादा के अनुरूप नहीं थीं।

उन्होंने निशिकांत दुबे के फैसले का समर्थन करते हुए मांग की कि उनके द्वारा महुआ मोइत्रा के खिलाफ पहले दायर किए गए मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए जोड़ा जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष के आवास पर पुलिस पहुंचने के सवाल पर भाजपा नेता ने कहा कि इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है। ममता बनर्जी की सरकार के दौरान उनके खिलाफ एक दिन में 71 एफआईआर दर्ज हुई थीं और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उस मामले में उन्होंने दिल्ली में कांवड़ यात्रा को लेकर बात की थी, जबकि एफआईआर पश्चिम बंगाल में दर्ज हुई थी। उन्होंने कुणाल घोष के पुराने जेल अनुभव का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया से गुजरने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर लिखी गई बातों का उन्हें पूरा विवरण देना चाहिए या फिर कानूनी कार्रवाई का सामना करना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके/वीसी

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