केरल सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड का किया पुनर्गठन, एमसी मयिन हाजी बने चेयरपर्सन
तिरुवनंतपुरम, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल की यूडीएफ सरकार ने केरल राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता एमसी मयिन हाजी को बोर्ड का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है।
इसके साथ ही आईयूएमएल विधायक कुरुक्कोली मोइदीन को भी बोर्ड का सदस्य बनाया गया है। बोर्ड के अन्य सदस्यों में सिराज डी. कापसी (बोहरा), थोडीयूर मुहम्मद कुंजू मौलवी, सजना फिरोज, जसीम सबाह सी, एमपी मुस्तफा फैजी, डॉ. अब्दुल मजीद स्वालाही और मदीना बेगम ए. शामिल हैं।
बोर्ड में दो सदस्यों के पद अभी खाली हैं। नए कानून के तहत बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को भी शामिल किया जाना है लेकिन उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश के बाद ही की जाएगी।
पिछला वक्फ बोर्ड तत्कालीन एलडीएफ सरकार ने बनाया था और उसका कार्यकाल अभी चार साल बाकी था। हालांकि, उसके सदस्यों की योग्यता को चुनौती देने वाली एक याचिका हाईकोर्ट में लंबित थी। राज्य सरकार का नया बोर्ड बनाने का फैसला पिछले बोर्ड से जुड़ी कानूनी कार्यवाही और नए कानूनी प्रावधानों को लागू करने के बीच आया है।
केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट कांग्रेस के नेतृत्व वाला एक प्रमुख राजनीतिक गठबंधन है। मई 2026 में हुए केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने जीत हासिल की और राज्य में सत्ता में वापसी की। इस गठबंधन में कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईएमयूएल), केरल कांग्रेस और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) समेत कई अन्य दल शामिल हैं।
केरल दक्षिण-पश्चिम भारत में स्थित एक प्रमुख और बेहद खूबसूरत राज्य है। इसे 'ईश्वर का अपना देश' कहा जाता है। 'केरल' शब्द 'केरा' (नारियल का पेड़) और 'आलम' (भूमि) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है नारियल के पेड़ों की भूमि से है। केरल के कोडुंगल्लूर में स्थित चेरमान जुमा मस्जिद भारत की पहली मस्जिद मानी जाती है।
--आईएएनएस
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