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केरल में अब हमारी सरकार है, विकास कार्यों में आएगी तेजी : प्रियंका गांधी

केरल में अब हमारी सरकार है, विकास कार्यों में आएगी तेजी : प्रियंका गांधी
केरल में अब हमारी सरकार है, विकास कार्यों में आएगी तेजी : प्रियंका गांधी

मलप्पुरम, 26 जून (आईएएनएस)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को केरल के तुव्वूर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए नवनिर्मित प्लेटफॉर्म शेल्टर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रियंका गांधी ने वायनाड के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि अब राज्य में उनकी पार्टी की सरकार होने से विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वायनाड के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव तैयार हैं और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं विभागों से लगातार बातचीत की गई है।

प्रियंका गांधी ने कहा, "अब जब हमारी सरकार है, तो हमें पूरी उम्मीद है कि हम विकास के कई बड़े काम आगे बढ़ा पाएंगे। मेडिकल कॉलेज, ट्राइबल यूनिवर्सिटी, लंबे समय से रुकी सड़क परियोजनाओं समेत कई ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिन्हें पिछली सरकार ने रोक रखा था। अब हमारी प्राथमिकता इन सभी लंबित योजनाओं को पूरा करना और वायनाड के लोगों तक विकास का लाभ पहुंचाना है।"

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए तेजी से काम किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

प्रियंका गांधी ने कहा, "पिछले एक साल में मैंने देखा है कि वायनाड में केंद्र सरकार की जो भी परियोजनाएं चल रही थीं, उनके लिए हम लगातार अनुरोध करते रहे हैं और वे उनमें से काफी को मंजूरी भी देती रही हैं। इसलिए, उम्मीद है कि वे सहयोग करेंगे और हम काम कर पाएंगे।"

इस दौरान राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में आपातकाल (इमरजेंसी) पर अध्याय शामिल किए जाने के मुद्दे पर भी प्रियंका गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "राजनीतिक विचारधारा या राजनीतिक फैसलों के आधार पर सिलेबस बदलने का जो काम हो रहा है, मैं उसके पक्ष में नहीं हूं।"

इसके बाद प्रियंका गांधी ने नीलांबुर डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिस में रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) के वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन वन विभाग की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने, विशेषकर मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और त्वरित फील्ड ऑपरेशन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैनात किया गया है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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