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केरल में सीपीआई(एम) का राजनीतिक दौर समाप्ति की ओर, हिंसा की राजनीति बर्दाश्त नहीं होगी : राजीव चंद्रशेखर

केरल में सीपीआई(एम) का राजनीतिक दौर समाप्ति की ओर, हिंसा की राजनीति बर्दाश्त नहीं होगी : राजीव चंद्रशेखर
केरल में सीपीआई(एम) का राजनीतिक दौर समाप्ति की ओर, हिंसा की राजनीति बर्दाश्त नहीं होगी : राजीव चंद्रशेखर

तिरुवनंतपुरम, 25 जून (आईएएनएस)। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी सीपीआई(एम) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केरल में उसकी राजनीति का दौर अब समाप्ति की ओर है। उन्होंने दावा किया कि हाल के चुनावी परिणामों ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि जनता सीपीआई(एम) की राजनीति से दूरी बना रही है और पार्टी लगातार जनाधार खो रही है।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा को पहले से ही इस स्थिति की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि सीपीआई(एम) को न केवल विधानसभा चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा है, बल्कि स्थानीय निकाय चुनावों में भी उसे निराशाजनक परिणाम मिले हैं। उनके अनुसार, केरल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि राजधानी तिरुवनंतपुरम में सीपीआई(एम) का न तो कोई विधायक है और न ही नगर निगम पर उसका नियंत्रण है।

भाजपा नेता ने कहा कि लगातार चुनावी असफलताओं के कारण सीपीआई(एम) के कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ रही है और वे नए राजनीतिक विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसमर्थन घटने के बाद पार्टी नेतृत्व अब राजनीतिक टकराव और तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सीपीआई(एम) पिछले कई दशकों से विरोधियों के खिलाफ टकराव और संघर्ष की राजनीति करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेता और कार्यकर्ता अब भी उसी पुराने तरीके को अपनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेयर कार्यालय से जुड़े हालिया घटनाक्रमों में भी इसी प्रकार की राजनीति दिखाई दे रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सीपीआई(एम) नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पार्टी के कार्यकर्ता कानून हाथ में लेने, हिंसा फैलाने या भाजपा के निर्वाचित प्रतिनिधियों को निशाना बनाने की कोशिश करेंगे तो उसका कड़ा जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या दबाव की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती।

चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन में विश्वास रखती है, लेकिन यदि पार्टी के पार्षदों, जनप्रतिनिधियों या मेयर के खिलाफ हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने का प्रयास किया गया तो उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी सीपीआई(एम) नेतृत्व की होगी।

उन्होंने कहा कि केरल की जनता विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है, जबकि सीपीआई(एम) अब भी पुराने राजनीतिक तौर-तरीकों पर निर्भर है। भाजपा का दावा है कि राज्य में राजनीतिक परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आने वाले समय में यह बदलाव और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम

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