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केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हेमंत सोरेन सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की किया मांग

रांची, 22 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति, बिजली संकट और जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तुरंत श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हेमंत सोरेन सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की किया मांग

रांची, 22 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति, बिजली संकट और जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तुरंत श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है।

संजय सेठ ने अपने संसदीय कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "झारखंड की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है जिससे जनता को परेशानी हो रही है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। सरकार की जनता की समस्या पहले दूर करनी चाहिए, जो अभी तक नहीं हुई है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सरकार अपनी वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी कर जनता के सामने सच्चाई रखे। जनता को यह जानने का अधिकार है कि वह जो टैक्स देती है, उसका क्या हाल है। इसलिए भी तुरंत श्वेतपत्र जारी होना चाहिए।

संजय सेठ ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए फंड का हेमंत सरकार द्वारा दुरुपयोग करना का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने 18 करोड़ रुपए सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए दिए थे, लेकिन यह पैसा बर्बाद हो गया। नतीजतन आज भी राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है।

इसी तरह जल जीवन मिशन योजना पर निशाना साधते हुए सेठ ने कहा कि 2490 करोड़ रुपए की लागत से पांच चरणों में चलाई गई इस योजना को हेमंत सोरेन सरकार ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया। आज भी राज्य के लगभग 7 लाख घर शुद्ध पेयजल से वंचित हैं।

केंद्रीय मंत्री ने सवाल किया कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में बिजली की आंखमिचौली चल रही है। राजधानी में 10-10 घंटे तक बिजली कट रही है, लेकिन सरकार इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रही है।

मानसून के आने वाले मौसम को लेकर चेतावनी देते हुए संजय सेठ ने कहा कि बारिश दस्तक देने वाली है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है। उन्होंने 15 दिनों के अंदर सभी खुले नालों को ढकने और उनकी सफाई करने का काम सरकार से करने की मांग की।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी

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