Samachar Nama
×

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा, अभिजीत दिपके अपने बयानों के लिए माफी मांगें

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा, अभिजीत दिपके अपने बयानों के लिए माफी मांगें
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा, अभिजीत दिपके अपने बयानों के लिए माफी मांगें

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर दिए गए बयानों पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास अच्छी बात है, लेकिन जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास में भाषा की शैली खराब नहीं होनी चाहिए।

मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लेकर जिस तरह के बयान दिए हैं, उसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि उनमें जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास आ गया है। यह अच्छी बात है कि कुछ युवा उनका समर्थन कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के बारे में गलत बातें कहना बिल्कुल भी सही नहीं है। यह कहना भी सही नहीं है कि नेहरू ने बाबा साहेब अंबेडकर को बनाया। बाबा साहेब अंबेडकर ने पूरे देश की तरक्की में योगदान दिया। संविधान का मसौदा तैयार करके उन्होंने देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया। वे हमारे समाज से आते हैं। मैं मांग करता हूं कि जिन शब्दों का इस्तेमाल उन्होंने किया है, उसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने अभिजीत दिपके के बयान पर कहा कि वे हाल के दिनों में पूरी तरह से एक्सपोज हो गए हैं। इन पर पहले भी आरोप लगते थे कि वे आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और राहुल गांधी के फ्रंट के तौर पर काम करते हैं, और अब यह बात सामने भी आ गई है। जब जंतर-मंतर पर धरना चल रहा था, उस समय राहुल गांधी सदन का सत्र जारी रहने के बावजूद तमाम सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़कर प्रधानमंत्री आवास पर धरने पर बैठ गए थे। अभिजीत दिपके ने भी वैसी ही बातें कही थीं, जैसी अरविंद केजरीवाल ने कही थीं। अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वे अपने बच्चों की सौगंध खाते हैं कि राजनीति में नहीं आएंगे, लेकिन वे राजनीति में आए और आज उनकी गिनती सबसे भ्रष्ट नेताओं में होती है। अभिजीत दिपके ने भी कहा था कि वे केवल छात्रों के हित से जुड़े मुद्दों को लेकर यहां हैं और उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

दूसरी ओर, केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा, विदर्भ और अन्य जिलों में सूखे की गंभीर स्थिति पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा, विदर्भ और कई अन्य जिलों में सूखे की स्थिति बहुत गंभीर है और किसान पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। खेतिहर मजदूर भी बिना काम के हो गए हैं और उन्हें भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, हमने कुछ गांवों में 1,800 राहत किट भेजने का फैसला किया है। मैं कॉरपोरेट जगत के लोगों, सभी राजनीतिक दलों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) से अपील करता हूं कि वे भी वहां मदद के लिए आगे आएं। सरकार अपना काम कर रही है और उसने सूखा घोषित कर दिया है। साथ ही, हर तालुका में किसानों को मदद भी दी जा रही है, लेकिन दूसरों को भी सहायता के लिए आगे आने की जरूरत है।

--आईएएनएस

डीकेएम/

Share this story