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वचन मंडप परियोजना में हुई किसी भी खामी को सुधारेगी सरकार : प्रियांक खड़गे

बीदर, 7 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री प्रियांक खड़गे ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण कर्नाटक को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कलबुर्गी जिले के चित्तपुर कस्बे में रविवार को कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया जाएगा और आधारशिला रखी जाएगी।
वचन मंडप परियोजना में हुई किसी भी खामी को सुधारेगी सरकार : प्रियांक खड़गे

बीदर, 7 मार्च (आईएएनएस)। कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री प्रियांक खड़गे ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण कर्नाटक को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कलबुर्गी जिले के चित्तपुर कस्बे में रविवार को कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया जाएगा और आधारशिला रखी जाएगी।

प्रियांक खड़गे ने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं अनुभव मंडप का विकास कर रही है और इसी प्रकार कलबुर्गी में वचन मंडप का भी विकास किया जा रहा है। अगर कोई समस्या हो या यह अवैध पाया जाए, तो कमियों को निश्चित रूप से बताया और सुधारा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल न तो मुझे और न ही आपको इसके सटीक नियमों या प्रक्रिया के क्रियान्वयन की पूरी जानकारी है। अगर परियोजना में कोई खामी पाई जाती है, तो उसे सुधारा जा सकता है। हालांकि, बिना स्पष्टता के केवल परियोजना को ही गलत बताना या यह तय करना कि इसे कैसे किया जाना चाहिए या नहीं किया जाना चाहिए, उचित नहीं है। मेरी राय में, इसके लिए अभी तक पूरे नियम जारी नहीं किए गए हैं। कल बजट में इसका पीपीपी मॉडल के रूप में जिक्र किया गया था। तो इसमें क्या गलत है?

बता दें कि कर्नाटक सरकार बसवन्ना और अन्य विचारकों के वचनों (पवित्र श्लोकों) को विश्व के सामने प्रस्तुत करने के लिए कलबुर्गी में एक 'वचन मंडप' स्थापित कर रही है। अनुभव मंडप को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया था कि भूमि चिन्हित कर ली गई है और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होगा। कर्नाटक सरकार अनुभव मंडप का विकास कर रही है। यह मंडप बसवन्ना द्वारा स्थापित 12वीं शताब्दी के धार्मिक परिसर की प्रतिकृति है।

--आईएएनएस

एसडी/पीयूष

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