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केंद्र का पेपर लीक कानून अधूरा, राजस्थान का कानून अपनाए सरकार : प्रताप सिंह खाचरियावास

केंद्र का पेपर लीक कानून अधूरा, राजस्थान का कानून अपनाए सरकार : प्रताप सिंह खाचरियावास
केंद्र का पेपर लीक कानून अधूरा, राजस्थान का कानून अपनाए सरकार : प्रताप सिंह खाचरियावास

जयपुर, 31 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने पेपर लीक मामले और धर्मेंद्र प्रधान से जुड़े विवाद को लेकर भाजपा पर जुबानी हमला किया। उन्होंने केंद्र सरकार के नए पेपर लीक कानून को अधूरा बताते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना चाहती थी, तो उसे राजस्थान में कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए सख्त कानून से सीख लेनी चाहिए थी।

प्रताप सिंह खाचरियावास ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देश में जब भी लाठीचार्ज या गोलीबारी जैसी घटनाएं होती हैं, तो उसका सबसे अधिक नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ता है। देश की आबादी में बड़ी संख्या हिंदुओं की है और ऐसी घटनाओं में प्रभावित होने वालों में भी अधिकांश हिंदू ही होते हैं। पैलेट गन से घायल होने वाले बच्चों में भी अधिकांश हिंदू परिवारों के बच्चे हैं। एक ओर भाजपा हिंदुत्व की राजनीति करती है। दूसरी ओर, आम हिंदू परिवारों को ही नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पेपर लीक कानून पर खाचरियावास ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान पेपर लीक के खिलाफ बेहद सख्त कानून बनाया था। उस कानून में कड़ी आर्थिक सजा और कठोर प्रावधान शामिल थे, जबकि केंद्र सरकार ने उससे कमजोर व्यवस्था लागू की है। यदि कांग्रेस का कानून प्रभावी था, तो केंद्र सरकार उसे अपनाने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अच्छे कानून या अच्छी नीतियों को अपनाने में प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं बनाना चाहिए। यदि कांग्रेस ने कोई अच्छा कानून बनाया है तो भाजपा उसे लागू करे और यदि भाजपा की कोई अच्छी नीति हो तो कांग्रेस भी उसे स्वीकार करने में पीछे नहीं हटेगी। देशहित सर्वोपरि होना चाहिए, न कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का नया पेपर लीक कानून केवल अपराध पर केंद्रित है, लेकिन उन लाखों युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं करता जिनका भविष्य पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित होता है। कानून में युवाओं के रोजगार, परीक्षाओं की विश्वसनीयता और प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों को लेकर पर्याप्त प्रावधान नहीं हैं। भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार और युवाओं के भविष्य की बात करने के बजाय अन्य मुद्दों पर राजनीति करती है। युवाओं को रोजगार और उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पहले विभिन्न सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर मुखर होकर बयान दिए, वे अब युवाओं से जुड़े इस आंदोलन और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चुप हैं। देश के युवाओं के भविष्य और रोजगार के सवाल पर सभी वर्गों को खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके

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