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केन-बेतवा परियोजना पर कांग्रेस हमलावर तो भाजपा ने उनकी नीयत पर उठाए सवाल

भोपाल, 11 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में नदी जोड़ो योजना के तहत केन बेतवा-परियोजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस राज्य सरकार पर हमलावर है और आदिवासियों के साथ अत्याचार होने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस की नीयत पर ही सवाल उठा रही है।
केन-बेतवा परियोजना पर कांग्रेस हमलावर तो भाजपा ने उनकी नीयत पर उठाए सवाल

भोपाल, 11 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में नदी जोड़ो योजना के तहत केन बेतवा-परियोजना को अमली जामा पहनाया जा रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस राज्य सरकार पर हमलावर है और आदिवासियों के साथ अत्याचार होने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस की नीयत पर ही सवाल उठा रही है।

बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए देश की पहली नदी जोड़ो योजना केन बेतवा परियोजना का काम प्रगति पर है और भूमि अधिग्रहण भी किया जा रहा है। इसको लेकर कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अधिग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों से मुलाकात करने पन्ना पहुंचे। पटवारी पन्ना जिले के विश्रामगंज एवं बालूपुर क्षेत्र का दौरा कर केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों एवं किसानों से मुलाकात की।

इस दौरान उन्होंने विस्थापन, अपर्याप्त मुआवजा, आवासीय संकट और डैम निर्माण से उत्पन्न समस्याओं को लेकर ग्रामीणों की बात सुनी तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके हक़, सम्मान और न्याय की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी।

पटवारी ने कहा कि वे स्वयं राहुल गांधी के संदेश के साथ उनकी समस्याएं सुनने पहुंचे हैं। राहुल गांधी आदिवासियों, किसानों और कमजोर वर्गों की आवाज को हमेशा प्राथमिकता देते हैं और आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं भी प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचेंगे।

पटवारी ने प्रशासनिक अधिकारियों से परियोजना से प्रभावित परिवारों की वास्तविक संख्या, मुआवजे की स्थिति तथा पुनर्वास की पूरी जानकारी मांगी और कहा कि यदि एक परिवार में तीन वयस्क बेटे हैं तो सभी को अलग परिवार मानकर उनका अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रभावित परिवारों को मकान के नाम पर मात्र एक लाख रुपये देने की बात करती है, जबकि वर्तमान समय में इतने पैसे में छोटा प्लॉट तक नहीं खरीदा जा सकता। जिस क्षेत्र में 10 लाख रुपये से कम में प्लॉट उपलब्ध नहीं है, वहां आदिवासी और गरीब परिवारों को नाममात्र का मुआवजा देकर उजाड़ा जा रहा है। यह आदिवासियों और किसानों के साथ अन्याय है।

पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव बड़े-बड़े मंचों से भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा देने की बात करते हैं, लेकिन केन-बेतवा परियोजना में आदिवासियों की ज़मीन को कौड़ियों के भाव अधिग्रहित किया जा रहा है। भाजपा सरकार 21वीं सदी में भी आदिवासियों से जल, जंगल और जमीन छीनने का काम कर रही है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कांग्रेस के आंदोलन पर सवाल उठाया है और कहा है कि बुंदेलखंड में सिंचाई परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर कांग्रेस केवल विकास कार्यों में बाधा डालने का काम कर रही है। 2003 से पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, तब बुंदेलखंड सूखा, बेरोजगारी और पलायन की पहचान बन चुका था। किसानों के खेत सूखे पड़े रहते थे, युवाओं को रोजगार के लिए गांव छोड़ना पड़ता था और सिंचाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी।

उन्‍होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार ने बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया है। सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ा है, जल संरचनाओं का विस्तार हुआ है, किसानों की आय बढ़ी है और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। जिन इलाकों में कभी पानी संकट था, वहां अब खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंच रहा है।

उन्‍होंने कहा कि ऐसे समय में कांग्रेस और जीतू पटवारी का विरोध यह दर्शाता है कि उन्हें बुंदेलखंड का विकास रास नहीं आ रहा। भाजपा सरकार किसानों के हित, क्षेत्र के विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

--आईएएनएस

एसएनपी/डीकेपी

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