केजरीवाल ने कनॉट प्लेस हनुमान मंदिर में की पूजा, वीडियो में जाने CBI मामले में बरी होने के बाद जताई आस्था और भरोसा
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की। उनके साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, AAP सांसद संजय सिंह समेत अन्य पार्टी नेता भी मौजूद रहे। यह पूजा उस समय हुई जब एक दिन पहले ही दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति से जुड़े CBI मामले में केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य 23 आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट ने पाया कि आरोपों में कोई ठोस साक्ष्य नहीं है और सभी आरोपी निर्दोष हैं। इस निर्णय के बाद केजरीवाल और उनकी पार्टी नेताओं ने इसे न्याय की जीत और ईमानदारी की पुष्टि बताया।
पूजा के बाद मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी और सेवा के रास्ते पर काम किया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई, और कोर्ट में यह साबित हो गया।” उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आभार व्यक्त किया और कहा कि न्याय की जीत ने उन्हें और उनकी टीम को और मजबूत किया है।
केजरीवाल ने पिछले दिन भी पार्टी के दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र रचा था। उनका कहना था कि भाजपा हमारे खिलाफ लगातार प्रयास करती रही, लेकिन वे हमें हरा नहीं पाए और अब पार्टी को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि केजरीवाल की यह पूजा और प्रेस कॉन्फ्रेंस पार्टी के राजनीतिक संदेश और उनके समर्थकों को आश्वस्त करने के प्रयास का हिस्सा है। दिल्ली में आगामी चुनावों को देखते हुए यह बरी होने की खबर और सार्वजनिक आस्था दोनों ही उनके पक्ष में काम कर सकते हैं। AAP नेताओं का कहना है कि पार्टी ने हमेशा जनता की सेवा और पारदर्शिता के लिए काम किया है। सिसोदिया ने भी कहा कि अदालत ने निष्पक्ष जांच की पुष्टि की और किसी भी प्रकार के दबाव या षड्यंत्र को खारिज किया।
इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी केजरीवाल के नेतृत्व में एकजुटता दिखाई। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि कोर्ट का फैसला और केजरीवाल का यह आस्था प्रदर्शन दिल्ली में उनकी छवि को मजबूत कर सकता है। कनॉट प्लेस हनुमान मंदिर में की गई पूजा ने न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखा, बल्कि राजनीतिक संदेश भी दिया कि पार्टी अपने मूल मूल्यों और ईमानदारी के मार्ग पर अडिग है।

