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कीव में रूसी मिसाइलों ने विश्वविद्यालय परिसर को बनाया न‍िशाना, मलबे में दबे लोग, बचाव कार्य जारी

कीव में रूसी मिसाइलों ने विश्वविद्यालय परिसर को बनाया निशाना, मलबे में दबे लोग, बचाव कार्य जारी
कीव में रूसी मिसाइलों ने विश्वविद्यालय परिसर को बनाया न‍िशाना, मलबे में दबे लोग, बचाव कार्य जारी

कीव, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। यूक्रेन में रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले लगातार जारी हैं। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया क‍ि सोमवार रात रूसी मिसाइलों ने कीव में एक विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को निशाना बनाया। इन घातक हमलों ने एक बार फ‍िर कई लोगों की जान ले ली।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर इन हमलों की जानकारी साझा की।

जेलेंस्की ने पोस्ट में लिखा, ''कीव में एक विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास के इलाकों को रूसी मिसाइलों ने निशाना बनाया। हमले में विश्वविद्यालय का कैंपस, क्योटो पार्क, मेट्रो स्टेशन के पास का क्षेत्र और आसपास की रिहायशी इमारतें प्रभावित हुईं। फिलहाल हताहतों की सही संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, दुखद रूप से कुछ लोगों की मौत होने और कई लोगों के घायल होने की खबर है। राहत और बचाव कार्य जारी है।''

उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, ''मिसाइलें ऐसे इलाकों में गिरीं, जहां काफी भीड़ रहती है। आसपास कोई सैन्य ठिकाना नहीं था। यह हमला सीधे शहर और उसकी नागरिक बुनियादी सुविधाओं को निशाना बनाकर किया गया।''

राष्ट्रपति ने बताया कि हमले से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ऐसी भी आशंका है कि कुछ लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। सभी आपातकालीन सेवाएं मौके पर मौजूद हैं और लोगों की जान बचाने में जुटी हुई हैं। आशंका जताई जा रही है कि आगे भी और हमले हो सकते हैं। इसी दौरान 'शाहेद' ड्रोन के जरिए हमले भी जारी हैं, जो कीव समेत यूक्रेन के अन्य शहरों और समुदायों को निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में, जब खतरा लगातार बना हुआ है और किसी भी समय शहरों और गांवों पर हमला हो सकता है, यूक्रेन को हवाई रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने में होने वाली देरी आतंक को बढ़ावा देने का काम करती है। यह जरूरी है कि राजनीतिक स्तर पर हुए समझौतों को बिना देरी के लागू किया जाए। यूक्रेन का कहना है कि उसके साझेदार देशों को यह समझना चाहिए कि रूस के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट करने के लिए उसे जरूरी साधनों और रक्षा उपकरणों की आवश्यकता है।

जेलेंस्की ने कहा कि लोगों की जान बचाने का यह सबसे प्रभावी तरीका होगा। साथ ही यह भी जरूरी है कि दुनिया देखे कि रूस लगातार युद्ध जारी रखने और लोगों की जान लेने की मंशा दिखा रहा है।

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को इस चुनौती का सामना अकेले नहीं करना चाहिए। उसके मुताबिक, युद्ध के जारी रहने और लोगों की मौतों के लिए पूरी तरह रूस जिम्मेदार है। अंत में लोगों से अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की गई है और सभी साझेदार देशों से यूक्रेन के साथ खड़े होकर लोगों की जान बचाने के प्रयासों का समर्थन करने का आग्रह किया गया है।

--आईएएनएस

एवाई/एएस

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