Samachar Nama
×

कीर्ति आजाद की भाजपा को चुनौती, बोले- पहले 'वंदे मातरम' के सभी पद गाकर दिखाएं

कीर्ति आजाद की भाजपा को चुनौती, बोले- पहले 'वंदे मातरम' के सभी पद गाकर दिखाएं
कीर्ति आजाद की भाजपा को चुनौती, बोले- पहले 'वंदे मातरम' के सभी पद गाकर दिखाएं

नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा द्वारा एआईसीसी मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर सोनिया गांधी पर लगाए गए आरोपों पर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने भाजपा पर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने और राष्ट्रवाद के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।

पटना में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, "जिस समय 'वंदे मातरम' लिखा गया था, उस समय ये लोग कहीं थे ही नहीं। उस समय कांग्रेस परिवार ही था। अब भाजपा बस बखेड़ा खड़ा कर रही है।"

दिल्ली में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भाजपा पर पलटवार करते हुए सवाल पूछा कि क्या भाजपा लोगों को उकसाना चाहती है। जब भाजपा के कार्यक्रमों में असली 'वंदे मातरम' नहीं बजाया गया और 'वंदे मातरम' फिल्म का गाना बजाया गया, तब उस पर कुछ क्यों नहीं कहा गया? क्या वह अपमानजनक नहीं था?"

कीर्ति आजाद ने कहा, "मैं भाजपा के इन सांसदों और कार्यकर्ताओं को चुनौती देता हूं कि वे सामने आएं और 'वंदे मातरम' के सभी छह पद गाकर दिखाएं। मैं पूरी ईमानदारी से कह रहा हूं, मैं ऐसा नहीं कर सकता लेकिन क्या इससे मैं कम राष्ट्रवादी हो जाता हूं?"

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने भी भाजपा के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' में छह पद हैं और सभी छह को गाना अनिवार्य कर दिया गया है, जो जरूरी नहीं था। राउत ने संसद में इस कानून के पारित होने के समय का जिक्र करते हुए कहा, "जब संसद में यह कानून पारित हो रहा था, तो केंद्रीय गृह मंत्री मौजूद नहीं थे। प्रधानमंत्री भी मौजूद नहीं थे। क्या यह सबसे बड़ा अपमान नहीं है?"

संजय राउत ने कहा, "आजादी की लड़ाई के दौरान जिन क्रांतिकारियों को फांसी दी गई या जेल में डाला गया, उन्होंने लोगों में चेतना जगाने के लिए सिर्फ दो नारों का इस्तेमाल किया - 'वंदे मातरम' और 'इंकलाब जिंदाबाद'। पूरा वंदे मातरम नहीं गाया था।"

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी

Share this story