केदारनाथ यात्रा दोबारा शुरू: बिना हेलमेट नहीं मिलेगी एंट्री, 200-200 के बैच में भेजे जा रहे श्रद्धालु
केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। 15 सितंबर से चारधाम यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। मानसून के दौरान मौसम और भूस्खलन की वजह से प्रभावित रही यात्रा अब सुरक्षा इंतजामों के साथ दोबारा आगे बढ़ रही है। केदारनाथ मार्ग पर हालात को देखते हुए प्रशासन श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित तरीके से करा रहा है।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
केदारनाथ धाम का पैदल मार्ग पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरता है। हाल के दिनों में चीरबासा के पास पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। इसी वजह से यात्रियों को एक साथ बड़ी संख्या में आगे भेजने के बजाय बैच में नियंत्रित तरीके से रवाना किया जा रहा है।
आपके दिए अपडेट के मुताबिक श्रद्धालुओं को 200-200 के बैच में भेजा जा रहा है और हेलमेट को सुरक्षा व्यवस्था का जरूरी हिस्सा बनाया गया है। इसका मकसद अचानक पत्थर गिरने या पहाड़ी से मलबा आने जैसी स्थिति में यात्रियों को अतिरिक्त सुरक्षा देना है।
चीरबासा में पत्थर गिरने के बाद रोकी गई थी आवाजाही
बीते दिनों केदारनाथ मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के आसपास पहाड़ी से पत्थर गिरने के बाद यात्रियों की आवाजाही को कुछ समय के लिए नियंत्रित किया गया था। एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके पर तैनात रहीं और परिस्थितियां सामान्य होने पर यात्रियों को सुरक्षित तरीके से आगे निकाला गया।
14 सितंबर को करीब 6,500 श्रद्धालुओं को जोखिम वाले हिस्से से सुरक्षित तरीके से निकाला गया, जिससे पता चलता है कि प्रशासन इस मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही को लेकर कितनी सावधानी बरत रहा है।
15 सितंबर से हेली सेवा भी शुरू
केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण के साथ 15 सितंबर से हेलीकॉप्टर सेवाएं भी दोबारा शुरू हो गई हैं। गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से केदारनाथ के लिए शटल हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है। सितंबर के दूसरे चरण के लिए बुकिंग को श्रद्धालुओं से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और हजारों टिकट पहले ही बुक हो चुके हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी
अगर आप इन दिनों केदारनाथ जाने की तैयारी कर रहे हैं तो मौसम को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दें। पहाड़ों में मौसम अचानक बदल सकता है और बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन की ओर से दिए जा रहे निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
यात्रा पर निकलने से पहले मौसम, रास्ते की स्थिति और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी जरूर चेक करें। हेलमेट, रेनकोट, गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां साथ रखना भी फायदेमंद रहेगा।
यानी इस बार बाबा केदार की यात्रा आस्था के साथ-साथ सुरक्षा को ध्यान में रखकर कराई जा रही है।

