केदारनाथ यात्रा में कचरा प्रबंधन पर प्रशासन की पहल, जिलाधिकारी बोले- 'कैरी मी बैक' पहल को दिया जाएगा बढ़ावा
रुद्रप्रयाग, 9 सितंबर (आईएएनएस)। केदारनाथ धाम यात्रा को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक कर यात्रा मार्ग पर उत्पन्न होने वाले कचरे के प्रभावी निस्तारण के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि केदारनाथ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के कारण कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसे देखते हुए यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त शेड और नए सेग्रीगेशन सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है, जहां कचरे का पृथक्करण और वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम क्षेत्र में एकत्रित होने वाले कचरे को नीचे लाने और उसके परिवहन की व्यवस्था को भी और सुदृढ़ बनाया जाएगा। इस दिशा में घोड़ा-खच्चर संचालकों के संगठन से भी सहयोग लिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक कचरे को पहाड़ी क्षेत्रों से नीचे लाकर उसका निस्तारण किया जा सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि 'कैरी मी बैक' पहल के तहत हीलिंग हिमालय एनजीओ सराहनीय कार्य कर रही है। इस अभियान में नगर पंचायत, जिला पंचायत, स्वयंसेवी संस्थाएं और घोड़ा-खच्चर एसोसिएशन मिलकर यात्रा मार्ग से कचरा एकत्रित कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा के दौरान ही अधिकतम कचरे को नीचे लाकर उसका पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी कमियों और कमजोर कड़ियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाएगा। एकीकृत योजना के तहत वेस्ट मैनेजमेंट की समस्या का स्थायी समाधान निकालने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुंदर यात्रा का अनुभव मिल सके तथा हिमालयी पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।
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