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कठिन रास्तों पर भी नहीं डिगा श्रद्धालुओं का हौसला, बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन करने पहुंच रहे भक्त

मनाली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है।
कठिन रास्तों पर भी नहीं डिगा श्रद्धालुओं का हौसला, बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन करने पहुंच रहे भक्त

मनाली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है।

मनाली के पास अंजनी महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है, जहां 11 हजार फीट की ऊंचाई पर 15-20 फीट ऊंचा प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग खुद-ब-खुद बन गया है। शून्य से नीचे के तापमान के बावजूद, यह 'मिनी अमरनाथ' तीर्थस्थल लोगों को आकर्षित कर रहा है।

कड़कड़ाती ठंड और बर्फबारी के बीच जनी महादेव मंदिर में भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और बर्फ से स्वयंभू बने शिवलिंग को देखकर इसे महादेव का चमत्कार मान रहे हैं। मौसम और आस्था के संगम ने पर्यटकों का दिल जीत लिया है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि "धर्म की दृष्टि से स्थल बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि संत शिरोमणि बाबा प्रकाश पुरी इसी स्थल पर अपने अनुयायियों के साथ आए थे। इस स्थल पर हर साल बर्फ का शिवलिंग अपने आप बन जाता है और इसपर महाराज ने अपनी अंतर्यामी दृष्टि से बताया था कि मां अंजनी ने संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना की थी और खुद भगवान ने प्रकट होकर संतान का वरदान दिया था।"

उन्होंने आगे बताया कि शिवलिंग 15 दिसंबर से फरवरी के महीने तक रहता है और प्रकृति के इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए हर साल भक्तों की संख्या बढ़ती रहती है।

वहीं बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन करने पहुंचे पर्यटक ने आईएएनएस से कहा, "मैं दो बार बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुका हूं और अब यहां दर्शन करने के बाद महसूस हो रहा है कि तीसरी बार बाबा ने दर्शन करने का मौका दिया है। यहां तक पहुंचने का रास्ता थोड़ा मुश्किल है, लेकिन भक्ति की शक्ति किसी को रोक नहीं सकती है, और यही कारण है कि फिसलन और ठंड के बावजूद भक्त लगातार दर्शन के लिए आ रहे हैं और मन अंदर से बहुत प्रसन्न है।"

दर्शन करने आई महिलाओं के समूह ने बताया कि पहुंचने में बहुत मेहनत लगी लेकिन बाबा बर्फानी के दर्शन के बाद सारी थकान उतर गई। यहां का प्राकृतिक नजारा और बाबा के दर्शन से ज्यादा सुकून देने वाला कुछ नहीं है। यह वाकई जन्नत है और किसी को दर्शन के लिए एक बार तो आना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएस/एएस

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