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कष्टभंजन हनुमानजी विवाद पर विश्व ब्राह्मण संगठन ने उठाए सवाल, हेमांग रावल बोले- सनातन धर्म किसी की संपत्ति नहीं

बनासकांठा, 13 जून (आईएएनएस)। गुजरात के बनासकांठा में विश्व ब्राह्मण संगठन के अध्यक्ष हेमांग रावल ने कष्टभंजन हनुमानजी से जुड़े नाम, प्रतीकों और प्रसाद पर ट्रेडमार्क और कॉपीराइट किए जाने की खबरों का कड़ा विरोध किया है।
कष्टभंजन हनुमानजी विवाद पर विश्व ब्राह्मण संगठन ने उठाए सवाल, हेमांग रावल बोले- सनातन धर्म किसी की संपत्ति नहीं

बनासकांठा, 13 जून (आईएएनएस)। गुजरात के बनासकांठा में विश्व ब्राह्मण संगठन के अध्यक्ष हेमांग रावल ने कष्टभंजन हनुमानजी से जुड़े नाम, प्रतीकों और प्रसाद पर ट्रेडमार्क और कॉपीराइट किए जाने की खबरों का कड़ा विरोध किया है।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म से जुड़े धार्मिक प्रतीक, देवी-देवताओं के नाम और पूजा-पद्धतियां किसी व्यक्ति या संस्था की संपत्ति नहीं हो सकती।

हेमांग रावल ने आईएएनएस से कहा कि सारंगपुर स्थित स्वामीनारायण संगठन, जो वहां के प्रसिद्ध हनुमानजी मंदिर का संचालन करता है, उसने कथित तौर पर हनुमानजी, कष्टभंजन हनुमानजी के नाम, उनके प्रसाद और उनसे जुड़ी अन्य धार्मिक चीजों को अपनी बौद्धिक संपदा के रूप में दर्ज कराने का प्रयास किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हनुमानजी की प्रतिमा तक का ट्रेडमार्क और कॉपीराइट कराया गया है।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म किसी एक संस्था या व्यक्ति की संपत्ति नहीं है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 और 25 का उल्लेख करते हुए रावल ने कहा कि हर नागरिक को आस्था के अनुसार पूजा-पाठ, आराधना और धार्मिक अनुष्ठान करने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में किसी धार्मिक प्रतीक या परंपरा पर निजी स्वामित्व का दावा करना न केवल धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, बल्कि यह बौद्धिक संपदा के मूल सिद्धांतों का भी उल्लंघन है।

विश्व ब्राह्मण संगठन के अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि यदि वास्तव में इस तरह का ट्रेडमार्क और कॉपीराइट कराया गया है, तो उनकी संस्था इसका विरोध करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित पक्ष इस ट्रेडमार्क और कॉपीराइट को वापस नहीं लेता है, तो संगठन चैरिटी कमिश्नर, ट्रेडमार्क रजिस्ट्री, हाईकोर्ट और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने का विकल्प भी अपनाएगा।

हेमांग रावल ने कहा कि धार्मिक आस्था और सनातन परंपराओं को किसी कानूनी स्वामित्व के दायरे में बांधने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती और इस मुद्दे पर व्यापक स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

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