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कश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियां दुश्मन देशों की साजिश, कमीडियन शेरोन वर्मा को शर्म आनी चाहिए : किरण वट्टल

कश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियां दुश्मन देशों की साजिश, कमीडियन शेरोन वर्मा को शर्म आनी चाहिए : किरण वट्टल
कश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियां दुश्मन देशों की साजिश, कमीडियन शेरोन वर्मा को शर्म आनी चाहिए : किरण वट्टल

श्रीनगर, 29 अगस्त (आईएएनएस)। विश्व कश्मीरी समाज के संयोजक किरण वट्टल ने कश्मीरी पंडितों को मिली हालिया धमकियों और कमीडियन शेरोन वर्मा और समय रैना से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया जाहिर की। वट्टल ने इन धमकियों को दुश्मन देशों की साजिश बताया और कहा कि ऐसी धमकियां 1985-86 और 1999 में भी आई थीं, जिसका परिणाम नरसंहार था। उन्होंने कमीडियन शेरोन वर्मा और समय रैना विवाद पर कहा कि 36 साल से जुल्म झेल रहे समुदाय का मजाक उड़ाकर टीआरपी बटोरना शर्मनाक है।

किरण वट्टल ने कश्मीरी पंडितों को मिली हालिया धमकियों को लेकर कहा, "जो धमकियां आ रही हैं, ये 1985, 1986 और 1999 में भी आए थे, जिसका परिणाम नरसंहार था। धमकियों के अलावा हत्याएं भी बहुत हुईं। उस वक्त जो माहौल था, और आज की जो स्थिति है, उसमें जमीन-आसमान का फर्क है। आज जो कश्मीर का परिवार है, वो हमारे साथ हैं और वो चाहते हैं कि ये बना रहे। जो धमकियां आ रही हैं, वो हमारे दुश्मन देशों से समर्थित हैं। किसी ने एक क्षेत्र पर कब्जा किया हुआ है, तो वो सीधे तौर पर या अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दे रहा है। वो चाहते हैं कि लोग उस जगह को छोड़कर चले जाएं और ये वापस से कब्जा कर लें।"

उन्होंने कहा कि इन धमकियों का जनता समर्थन नहीं करती है। इसे हमारे दुश्मन देश की तरफ से समर्थन मिल रहा है और इस तरह की धमकियां आती रहेंगी। कश्मीरी पंडित समुदाय जो यहां रह रहे हैं, वो अब इतने बहादुर हो गए हैं कि इससे डरने वाले नहीं हैं। इसका ताजा उदाहरण ये है कि शुक्रवार को एक महादेव यात्रा निकली, वहां भारी संख्या में लोग गए। प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं अच्छी थीं, पंडित समुदाय के बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे वहां गए। ये हकीकत जमीनी स्तर पर दिख रही है।

किरण वट्टल ने कहा, "इस तरह की धमकियां आती रहेंगी, लेकिन फिर भी सरकार को कानून व्यवस्था को अपने नजरिए से देखना चाहिए। उन्हें ये भी देखना चाहिए कि आखिर ये धमकियां कौन दे रहा है, इससे समुदाय को क्या संकेत मिल रहा है। अगर माहौल अच्छा बन रहा है, तो इस सामान्य परिस्थिति में क्यों किया जा रहा है। अभी भी 80-85 फीसदी स्थिति ही सामान्य हुई है।"

कमीडियन शेरोन वर्मा और समय रैना विवाद को लेकर उन्होंने कहा, "ये कॉमेडी शो करने वाले लोगों की नौटंकी होती है। इनका कोई जमीर नहीं होता है। ये अपनी नौटंकी के लिए किसी बेसहारा या जिस पर जुल्म हुआ हो, उसका मजाक उड़ा सकते हैं। शेरोन ने सोचा कि कोई आदमी या समुदाय, जिनपर 36 साल से जुल्म हुआ, अपने घर से बेघर हुए, उनपर बोलेंगे तो टीआरपी बढ़ेगी। इन्हें शर्म आनी चाहिए। पूरा समाज उन्हें मुंहतोड़ जवाब देगा। समय रैना से भी कहना चाहूंगा कि अपनी हद में रहिए, मजाक मत बनाइए। उन्हें उसी समय रिएक्ट करना चाहिए था और शो उसी समय बंद हो जाना चाहिए था। यहां इतनी हत्याएं हुई और आपने उसका मजाक बनाया, सिर्फ टीआरपी के लिए।"

--आईएएनएस

केके/एबीएम

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