करोड़ों लोग आज भी 5 किलो अनाज पर निर्भर, सरकार रोजगार पर ध्यान दे : कुमारी सैलजा
सिरसा, 20 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने पेपर लीक, मतदाता सूची में गड़बड़ियों और यूपीआई से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, जबकि मतदाता सूची से नाम कटने की शिकायतों के कारण आम लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पेपर लीक के मुद्दे पर कुमारी सैलजा ने कहा कि लगातार इस तरह की घटनाएं होना गंभीर चिंता का विषय है। इससे न केवल विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य प्रभावित होता है, बल्कि अभिभावकों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के पास पीजी से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों के सामने रहने और पढ़ाई से जुड़ी चुनौतियों का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान पहले से कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है और इसके बाद पेपर लीक होने जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो यह पूरे सिस्टम के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।
राहुल गांधी का जिक्र करते हुए सैलजा ने कहा कि वह युवाओं की आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं और उनकी मांगों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। सैलजा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को विद्यार्थियों की पढ़ाई, रोजगार और भविष्य की चिंता नहीं है।
पश्चिम बंगाल और मतदाता सूची से जुड़े सवाल पर सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में मतदाता सूचियों को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटने की शिकायतें मिलती हैं। कई मामलों में शिकायत करने वाले लोग संबंधित क्षेत्र के नहीं होते और जब उन्हें बुलाया जाता है तो वे सामने नहीं आते। उन्होंने इसे मतदाता सूची तैयार करने की व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार से सिस्टम की कमियों को दूर करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कई बार एक ही परिवार के कुछ सदस्यों के नाम मतदाता सूची से कट जाते हैं और उन्हें नाम जुड़वाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उनके मुताबिक, इससे वरिष्ठ नागरिकों को भी परेशानी होती है।
कुमारी सैलजा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ''नौकरियों के नाम पर धांधली, पढ़ाई के नाम पर धांधली, एग्जाम के नाम पर धांधली, हर तरफ धांधली ही धांधली चल रही है।''
यूपीआई से जुड़े विवाद पर कांग्रेस सांसद कुमारी ने कहा कि भले ही व्यक्तिगत स्तर पर किए जाने वाले कुछ लेनदेन पर इसका सीधा असर न दिखे, लेकिन छोटे दुकानदारों और व्यापारियों पर पड़ने वाला खर्च अंततः ग्राहकों को प्रभावित कर सकता है। कई व्यापारिक एसोसिएशन इस संबंध में अपनी चिंताएं लिखित रूप में जता चुके हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय बाजार में गतिविधियां बढ़ती हैं, ऐसे में व्यापारियों पर किसी अतिरिक्त बोझ का असर व्यापक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने आयात और व्यापार नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिनसे देश के हितों के साथ आम और गरीब लोगों के आर्थिक हित भी सुरक्षित रहें।
उन्होंने सरकार पर कटाक्ष किया कि करोड़ों लोगों को हर महीने पांच किलो अनाज के लिए निर्भर रहना पड़ रहा है। सैलजा ने कहा कि सरकार को लोगों को रोजगार देने, महंगाई से राहत दिलाने और प्रभावी आर्थिक नीतियां तैयार करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
--आईएएनएस
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