कर्नाटक: आरटीओ की स्कूल वाहनों पर सख्ती, 20 गाड़ियां जब्त, 8 लाख से ज्यादा का जुर्माना वसूला
बीदर, 15 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के बीदर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर आरटीओ ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) ने उन स्कूल वाहनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है, जिनके जरूरी दस्तावेज समय पर रिन्यू नहीं कराए गए थे।
इस विशेष अभियान के तहत अब तक 20 स्कूल गाड़ियों को जब्त कर लिया गया है। मात्र एक सप्ताह में 8,04,728 रुपए का जुर्माना वसूला जा चुका है। आरटीओ टीम ने बिना इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट और रोड टैक्स वाली गाड़ियों पर सबसे ज्यादा कार्रवाई की है।
आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, पूरे बीदर जिले में 117 स्कूल गाड़ियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। स्कूल खुलने के साथ ही विभाग ने चेकिंग अभियान को तेज कर दिया है। कई जगहों पर छापेमारी कर गाड़ियों की जांच की गई। इस अभियान का नेतृत्व सीनियर मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों ने किया।
आरटीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना वैध परमिट, इंश्योरेंस और फिटनेस सर्टिफिकेट वाली कोई भी स्कूल गाड़ी सड़क पर नहीं उतारी जाए। साथ ही बच्चों को क्षमता से ज्यादा बैठाने (ओवरलोडिंग) पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी स्कूल संचालकों और वाहन ऑपरेटरों को निर्देश जारी किए हैं कि वे नियमों का पालन करें, अन्यथा गाड़ियां जब्त करने के साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
आरटीओ अधिकारियों ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। समय-समय पर फिटनेस सर्टिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। बिना दस्तावेजों वाली गाड़ियों को तुरंत चलाने से रोका जा रहा है। ट्रांसपोर्ट विभाग ने स्कूलों को भी चेतावनी दी है कि वे केवल नियमों का पालन करने वाली गाड़ियों का ही इस्तेमाल करवाएं।
इस अभियान से बीदर के अभिभावकों में राहत की लहर है। कई अभिभावकों ने कहा कि बच्चों को भेजने में अब पहले से ज्यादा भरोसा हो रहा है। हालांकि कुछ स्कूल संचालकों ने दस्तावेज पूरे करने के लिए थोड़ा समय मांगा है, जिस पर आरटीओ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
आरटीओ डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया कि यह अभियान लगातार चलेगा। आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी ऐसी ही चेकिंग अभियान चलाए जा सकते हैं। विभाग का लक्ष्य पूरे कर्नाटक में स्कूल ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह नियम अनुपालन सुनिश्चित करना है।
--आईएएनएस
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