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कर्नाटक में 'गृह लक्ष्मी' पर सियासी घमासान, भाजपा ने लगाया 5,000 करोड़ के घोटाले का आरोप

कर्नाटक में 'गृह लक्ष्मी' पर सियासी घमासान, भाजपा ने लगाया 5,000 करोड़ के घोटाले का आरोप
कर्नाटक में 'गृह लक्ष्मी' पर सियासी घमासान, भाजपा ने लगाया 5,000 करोड़ के घोटाले का आरोप

बेंगलुरु, 4 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी 'गृह लक्ष्मी' योजना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेता सी.टी. रवि ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए राज्य सरकार पर 5,000 करोड़ रुपए के 'गृह लक्ष्मी' घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्नाटक की महिलाओं के साथ धोखाधड़ी की है और भाजपा इस मामले में सरकार को आसानी से बच निकलने नहीं देगी।

सी.टी. रवि ने अपने पोस्ट में लिखा कि फरवरी और मार्च 2025 में सरकार 1.27 करोड़ महिला लाभार्थियों को 'गृह लक्ष्मी' योजना के तहत मिलने वाले 5,000 करोड़ रुपए का भुगतान करने में विफल रही। जब कर्नाटक विधानसभा में इस बारे में सवाल पूछा गया, तो सरकार ने सर्वर की समस्या का बहाना बनाया। लेकिन हाई कोर्ट में सरकार ने भुगतान न करने के पीछे गंभीर वित्तीय संकट का हवाला दिया।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा में एक कारण बताया और कोर्ट में कुछ और ही कहा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह भी कहना है कि महिला लाभार्थियों को अपना बकाया भुगतान न मिलने पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। यह बयान महिलाओं के हक के खिलाफ है।

सी.टी. रवि ने फंड ट्रांसफर को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि फंड को लैप्स होने से बचाने के लिए 31 मार्च 2025 को सरकारी खजाने यानी ट्रेजरी डीबीटी सिस्टम से 2,660.26 करोड़ रुपए की सार्वजनिक राशि केएसडब्ल्यूडीसी कॉर्पोरेशन के कमर्शियल बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। ऐसा करके सरकार ने खुद ही वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार, जिसने विधानसभा में तरह-तरह के बहाने बनाए थे, उसने अब हाई कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में अपनी करतूत मान ली है। 'गृह लक्ष्मी' योजना की आड़ में सरकार ने कर्नाटक की माताओं के साथ 5,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। यह पैसा बिना किसी देरी के लाभार्थियों के खातों में पहुंचना चाहिए।

सी.टी. रवि ने कहा कि भाजपा कांग्रेस सरकार को इस मामले से आसानी से बच निकलने नहीं देगी। हम कर्नाटक की महिलाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं और तब तक लड़ेंगे, जब तक उन्हें उनका पूरा हक नहीं मिल जाता।

--आईएएनएस

एससीएच

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