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कर्नाटक के मंत्री डी. सुधाकर के निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने जताया शोक

बेंगलुरु, 10 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार में मंत्री डी. सुधाकर का रविवार को निधन हो गया। डी. सुधाकर काफी लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शोक व्यक्त किया है।
कर्नाटक के मंत्री डी. सुधाकर के निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने जताया शोक

बेंगलुरु, 10 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार में मंत्री डी. सुधाकर का रविवार को निधन हो गया। डी. सुधाकर काफी लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शोक व्यक्त किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि डी. सुधाकर के अचानक चले जाने से मुझे बहुत दुख हुआ है। मेरी उनसे जान-पहचान और जुड़ाव सिर्फ राजनीति तक ही सीमित नहीं था बल्कि राजनीति से भी आगे, उनके पिता के साथ एक रिश्ता था और एक दोस्ती थी।

उन्होंने लिखा कि जब कोई बहुत करीबी इंसान इतनी अचानक चला जाता है, तो दर्द और बढ़ जाता है और आज मैं खुद को ऐसे ही अनकहे दर्द में डूबा हुआ पाता हूं। खड़गे ने लिखा कि डी. सुधाकर बहुत सक्रिय और लोगों से प्यार करने वाले इंसान थे; उन्हें अभी बहुत कुछ हासिल करना था। इतनी कम उम्र में उनके जाने को मन से मानना ​​नामुमकिन है।

खड़गे ने लिखा कि सुधाकर के जोश और जिंदादिल व्यक्तित्व ने हमेशा मेरा ध्यान खींचा। उन्होंने कोऑपरेटिव सेक्टर में बहुत काम किया, भले ही जिस क्षेत्र से उन्होंने चुनाव लड़ा, वहां उनके समुदाय के वोट सौ का आंकड़ा पार नहीं कर पाए लेकिन उन्हें वहां के लोगों का समर्थन और प्यार मिला। यह उनके धर्मनिरपेक्ष गुणों और उनके लोगों से जुड़ाव को दिखाता है। उन्होंने लिखा कि मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और परिवार के दुख में मैं भी सहभागी हूं।

वहीं, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी मंत्री सुधाकर के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि हमारे कैबिनेट साथी, मेरे प्यारे दोस्त डी. सुधाकर ने आज आखिरी सांस ली। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।

डीके शिवकुमार ने लिखा कि हिरियुरु के विधायक, चित्रदुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री और राज्य के योजना व सांख्यिकी मंत्री के तौर पर डी. सुधाकर लोगों के लिए बहुत फिक्रमंद रहने वाले नेता थे। गरीबों के हितैषी सुधाकर जब भी मुझसे मिलने आते थे, तो वे हमेशा अपने इलाके में किसी न किसी विकास काम के बारे में कोई न कोई मांग लेकर आते थे। उनकी यह खूबी इलाके के लोगों के लिए उनके बेइंतहा प्यार को दिखाती थी।

उन्होंने लिखा कि सुधाकर का अपने परिवार, रिश्तेदारों और अनगिनत समर्थकों को छोड़कर जाना एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि डी. सुधाकर की आत्मा को शांति दें और उनके परिवार को यह दुख सहन करने की ताकत दें।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम

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